पर्यटन उद्योग को 60 हजार करोड़ रुपये का नुकसान, बीते साल से पर्यटक वीजा बंद

पर्यटन उद्योग को 60 हजार करोड़ रुपये का नुकसान, बीते साल से पर्यटक वीजा बंद

नई दिल्ली
कोरोना महामारी ने भारतीय पर्यटन उद्योग को तबाह कर दिया है पिछले साल मार्च से एक भी पर्यटक भारत नहीं आया, क्योंकि सरकार ने पिछले साल 20 मार्च से पर्यटक वीजा बंद कर दिया है। अनुमान है कि पर्यटन को 60 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

टूर ऑपरेटर लाजपत राय सालाना जापानी पर्यटकों से ही 40-50 करोड़ का व्यापार करते थे। पिछले वित्तीय वर्ष में उन्हें एक रुपये की आमदनी नहीं हुई कोरोना से ट्रेवल, टूर होटल रास्ता से जुड़े व्यापारी बुरे हाल में हैं। विदेशी पर्यटक तो वैसे भी पिछले 13 महीनों से भारत नहीं आए। केंद्रीय पर्यटन मंत्री पहलाद पटेल ने संसद को बताया कि 2019 के मुकाबले 2020 में 75 प्रतिशत कम विदेशी यात्री आए क्योंकि 25 मार्च से पर्यटक वीजा जारी नहीं किया गया।

इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के महासचिव रजनीश कायस्थ ने बताया कि उनके अधिकतर सदस्यों के व्यापार में 90 फीसदी तक असर पड़ा और 60000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अधिकतर ऑपरेटर्स ने 80 से 90 फ़ीसदी कर्मचारियों को या तो हटा दिया है या बिना वेतन के छुट्टी पर भेज दिया है। उद्योग पर दोहरी मार पड़ी है। व्यापार ठप होने से कमाई नहीं हो रही है तो कार्यालय के किराए, वाहनों की ईएमआई आदि का भुगतान जारी है। रोड टैक्स के रूप में भी 79 हजार का भुगतान किया है।

दूसरी लहर में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लगभग सभी देशों ने भारत को लाल सूची में डालते हुए यहां की उड़ाने बंद कर दी हैं। कुछ देशों में फंसे भारतीय नागरिकों या भारत में फंसे विदेशी नागरिकों को निकालने के लिए ही कोई उड़ान जा रही है। हालात यह है कि दिल्ली से न्यूयॉर्क की आखिरी उड़ान की एक टिकट 7.50 लाख रुपये में बिकी। लंदन का टिकट भी दो लाख में मिल रहा, वह भी ब्रिटेन के नागरिकों के लिए। कई एयरलाइंस के विमान भारत से बिना यात्री के वापस गए हैं। दुबई और मालदीव जैसे पर्यटन स्थलों में भी भारतीयों का  प्रवेश वर्जित कर दिया गया है।