एडमिशन की उलझन सुलझाने उपराष्ट्रपति से मिले डीयू कुलपति, रखी ये मांग
नई दिल्ली
दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) की यूजी प्रोग्राम में एडमिशन प्रक्रिया में स्टेट बोर्ड को लेकर कई दिक्कतें आ रही हैं. खासकर आंध्र बोर्ड के स्टूडेंट्स को लेकर अभी भी खींचतान जारी है. डीयू के कुलपति योगेश कुमार त्यागी और डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो राजीव गुप्ता वाइस प्रेसीडेंट वेंकैयानायडू से मिले.
दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) की यूजी प्रोग्राम के लिए 28 जून से पहली कटऑफ पर शुरू एडमिशन के दौरान दूसरे राज्यों से आए स्टूडेंट्स परेशान हैं. खासकर आंध्र प्रदेश बोर्ड के स्टूडेंट्स मंगलवार को भी डीन ऑफिस से लेकर कॉलेजों के चक्कर काटते नजर आए. इन स्टूडेंट्स की ग्रेढ आधारित मार्कशीट मुख्य मुद्दा है. इसके अलावा लैंग्वेज के कुछ सब्जेक्ट को लेकर भी गुत्थी उलझ गई है.
ऑफिस में जाकर की मुलाकात
डीन स्टूडेंट वेलफेयर और एडमिशन कमेटी के प्रमुख प्रो राजीव गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को कुलपति ने वाइस प्रेसीडेंट से उनके ऑफिस में मुलाकात की है. उन्होंने बताया कि ये मीटिंग खासकर आंध्रा बोर्ड के स्टूडेंट्स को लेकर की गई थी. अब आंध्रा बोर्ड को निर्देश जारी किए गए हैं कि अंक पर आधारित मार्कशीट स्टूडेंट्स को उपलब्ध कराएं. इससे पहले दिल्ली विश्वविद्यालय ने इनके एडमिशन के लिए प्रोविजन तैयार किया है ताकि इन बच्चों का एडमिशन न रुके. बता दें कि आंध्र बोर्ड की मार्कशीट नंबर के बजाय ग्रेड आधारित होती है. ग्रेड टू नंबर फार्मूला में बदलाव के बाद उनके एडमिशन में कई तरह की दिक्कतें आ रही थीं.
डीयू एडमिशन कमेटी ने कहा कि आंध्र प्रदेश बोर्ड के स्टूडेंट्स की शिकायतों को देखते हुए उनके दाखिले का प्रोविजन डीयू द्वारा बदल दिया गया है. इससे संबंधित नोटिफिकेशन कॉलेजों को भेज दिए गए हैं. अब सवाल ये उठता है कि आखिर डीयू ये सब इतना गुपचुप तरीके से क्यों कर रहा है. यदि स्टूडेंट्स के लिए कोई नया प्रोविजन लाया जाता है तो आखिर बच्चों तक इसकी जानकारी कैसे पहुंचेगी. वहीं कॉलेजों का कहना है कि आंध्र बोर्ड के स्टूडेंट्स की मार्क्सशीट ग्रेड में है और इन्हें नंबर में बदलने को लेकर डीयू की स्पष्ट गाडइलाइंस काफी देर से दी गईं.
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