NPS से जुड़ने की उम्र सीमा बढ़कर होगी 70 साल
नई दिल्ली
जल्द ही 70 साल उम्र तक के बुजुर्ग राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) की योजना में निवेश कर पाएंगे। दरअसल, पेंशन फंड रेगुलेटर पीएफआरडीए ने एनपीएस से जुड़ने की उम्र सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। पीएफआरडीए की योजना एनपीएस से जुड़ने की उम्र सीमा 65 साल से बढ़ाकर 70 साल करने की है।
इसके अलावा पेंशन रेग्युलेटर ने मिनिमम गारंटीड पेंशन प्रोडक्ट को भी तैयार करने का सुझाव दिया है। यह एनपीएस के दायरे में आएगा। वर्तमान में नेशनल पेंशन सिस्टम के अंतर्गत पेंशन कितनी होगी यह इस बात पर निर्भर करता है कि पेंशन फंड में कितना जमा किया गया है और इस फंड का प्रदर्शन कैसा रहा है। माना जा रहा है कि अगले 15-20 दिनों के भीतर एक ऐसे प्रोडक्ट को लेकर रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल डाला जाएगा।
75 साल तक निवेश जारी रहने की अनुमति मिलेगी
पेंशन फंड नियामक ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि जो लोग 60 साल की उम्र के बाद एनपीएस में निवेश करते हैं वह अपना निवेश 75 साल तक जारी रख सकेंगे। वही, अन्य सभी निवेशकों के लिए आयु सीमा 70 साल तय की गई है।
60 साल से अधिक उम्र के लोग तेजी से जुड़ रहें
बीते 3.5 साल में एनपीएस से 15,000 हजार ऐसे लोग जुड़े हैं जिनकी उम्र 60 साल से अधिक रही है। पीएफआरडीए के अध्यक्ष सुप्रीम बंद्योपाध्याय ने कहा कि इसको देखते हुए हमने उम्र बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।
5 लाख तक पूर्ण निकासी करने की इजाजत
इसके अलावा पीएफआरडीए यह भी देख रहा है कि अगर किसी का पेंशन फंड 5 लाख रुपये से कम है तो वह फंड से 100 फीसदी निकाल सके। अभी 2 लाख रुपये से कम पेंशन फंड होने पर यह नियम लागू है। इससे अधिक रकम की निकासी पर 40 फीसदी फ्री और 60 फीसदी पर टैक्स देना होता है। यह रकम पूरी तरह टैक्स फ्री भी होगा। पीएफआरडीए तमाम कोशिशों की मदद से चालू वित्त वर्ष में अपने पोर्टफोलियो में 10 लाख नए सब्सक्राइबर्स जोड़ने का लक्ष्य रखा है। पीएफआरडीए को उम्मीद है कि अटल पेंशन योजना और एनपीएस में इस वित्त वर्ष में एक करोड़ नए सब्सक्राइबर्स जुड़ेंगे।
ईपीएफ के मुकाबले ज्यादा रिटर्न
पेंशन फंड के लिए ईपीएफ अभी सबसे पसंदीदा माध्यम है। हालांकि, लंबी अवधि में एनपीएस ईपीएफ के मुकाबले ज्यादा रिटर्न देने में सक्षम है। इसको देखते हुए पीएफआरडीए इसे और आकर्षक बनाने की तैयारी में लगा हुआ है।
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