भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं लिए जाने के कारण लाखों विद्यार्थी अभी भी असमंजस पर हैं। हर किसी बच्चे के मन में यही सवाल है एमपी बोर्ड की परीक्षाएं कब होंगी और अगर होंगी तो किस तरह होंगी। हालांकि, स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार पहले ही कह चुके हैं कि कोरोना के संकट में बच्चों को संकट में नहीं डाला जा सकता। साथ ही इसी महीने के दूसरे सप्ताह में सरकार ने स्पष्ट कर दिया था कि एमपी बोर्ड की दसवीं बारहवीं की परीक्षाएं जून में ली जाएंगी। उधर, सीबीएसई बोर्ड द्वारा 10वीं के पेपर रद्द किए जाने एवं 12वीं कक्षा की परीक्षा आगे बढ़ाने के चलते छात्रों को उम्मीद है कि एमपी बोर्ड दसवीं की परीक्षाएं रद्द कर सकता है। हालांकि स्कूल शिक्षा मंत्री यह भी कह चुके हैं कि एमपी में किसी भी हाल में 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन नहीं दिया जाएगा।
दरअसल, सोमवार को स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री इंदरसिंह परमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें आंतरिक मूल्यांकन या ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। हालांकि, स्कूल शिक्षा विभाग ने कोरोना के बढ़ते प्रकरणों के मद्देनजर 30 अप्रैल की बजाय जून के पहले सप्ताह से आयोजित करने का फैसला तो ले लिया है, लेकिन यह परीक्षाएं किस पद्धति से होंगी, अभी तक यह तय नहीं हो पाया।