बृहस्पतिकुंड और ग्लास ब्रिज पर बढ़ा खतरा, प्रशासन की लापरवाही से पर्यटकों की जान जोखिम में

बृहस्पतिकुंड और ग्लास ब्रिज पर बढ़ा खतरा, प्रशासन की लापरवाही से पर्यटकों की जान जोखिम में

nadeem khan
पन्ना। जिले का प्रसिद्ध बृहस्पतिकुंड जलप्रपात और मध्य प्रदेश का पहला ग्लास ब्रिज इन दिनों बरसात के मौसम में पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। तेज जलप्रवाह और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण यह पर्यटन स्थल अब दुर्घटना का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।

सुरक्षा इंतजामों के अभाव में पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालकर खतरनाक स्थानों पर सेल्फी ले रहे हैं, जबकि श्रद्धालुओं को प्राचीन शंकर जी मंदिर तक पहुंचने का रास्ता बंद होने से भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। हाल ही में पन्ना कलेक्टर द्वारा जलप्रपात और खतरनाक क्षेत्रों में सेल्फी लेने पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन इन आदेशों का जमीनी स्तर पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। बृहस्पतिकुंड पहुंचने वाले पर्यटक लगातार सुरक्षा घेरों से आगे बढ़कर ऊंची चट्टानों और जलप्रपात के किनारों पर फोटो और वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं। मौके पर न तो पुलिस बल की तैनाती है और न ही पर्याप्त सुरक्षा कर्मी मौजूद हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने केवल आदेश जारी कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली, जबकि स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। पर्यटन स्थल होने के बावजूद यहां पर्यटकों के लिए सुरक्षित सेल्फी पॉइंट विकसित नहीं किए गए हैं और न ही चेतावनी बोर्ड एवं सुरक्षा बैरिकेड पर्याप्त संख्या में लगाए गए हैं। दूसरी ओर, जलप्रपात के समीप स्थित प्राचीन शंकर जी मंदिर तक जाने का मार्ग बंद होने से श्रद्धालुओं में नाराजगी है। दूर-दराज से दर्शन के लिए आने वाले भक्त मंदिर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनकी आस्था प्रभावित हो रही है। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मंदिर का रास्ता जल्द खोलने की मांग की है। स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने प्रशासन से मांग की है कि बृहस्पतिकुंड एवं ग्लास ब्रिज क्षेत्र में स्थायी रूप से पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए, सुरक्षित सेल्फी पॉइंट विकसित किए जाएं, मंदिर तक पहुंचने का मार्ग तत्काल बहाल किया जाए तथा पर्यटन स्थल पर आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।