रामलाल की संघ में नियुक्ति से बीजेपी नेताओं में निराशा!
भोपाल
मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार के बीच सेतू माने जाने वाले भारतीय जनता पार्टी (BJP) संगठन महासचिव रामलाल को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) का सह संपर्क प्रमुख बनाया गया है। रामलाल की संघ में वापसी होने के बाद प्रदेश बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। राजनीति के पंडितों का कहना है कि प्रदेश में अब नए सियासी समीकण जन्म लेंगे।
दरअसल, रामलाल प्रदेश की सियासत और केंद्रीय नेताओं के बीच एक सेतू की भूमिका निभाते रहे हैं। उनके संघ में जाने से बीजेपी नेतओं को साल रहा है। भाजपा अपने राष्ट्रीय और राज्यों में संगठन महासचिव की नियुक्ति संघ से करती है। यही लोग संघ और भाजपा संगठन के बीच समन्वय का काम देखते हैं। पार्टी अध्यक्ष के बाद संगठन महासचिव का पद सबसे महत्वपूर्ण होता है। बीएल संतोष को बीजेपी का संगठन महासचिव बनाया गया है. बीएल संतोष इससे पहले बीजेपी संगठन के संयुक्त महासचिव थे. उनको रामलाल की जगह नियुक्त किया गया है।
प्रदेश के बीजेपी नेता संतोष के इस पद पर नियुक्त होने से निशान हैं। संतोष कर्नाटक से आते हैं। प्रदेश के नेताओं से उनका कोई खास संपर्क नहीं है। ऐसे में सालों से जमी हुई व्यवस्था को एक बार फिर नए सिरे से बीजेपी नेताओं को शुरू करना होगा। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी राष्ट्रीय महासिचव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ये सब रामलाल के काफी करीबी थे। हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव प्रभात झा के ट्विट कर सबको हिला दिया था। हालांकि, वह किस पर निशाना साध रहे थे उनके ट्विट से यह बात साफ नहीं हो सकी।
संघ के रणनीतिकारों का मानना है कि हालिया वर्षों में 'संघ परिवार' में शामिल सहयोगी संगठनों में सबसे ज्यादा विस्तार इसकी राजनीतिक शाखा बीजेपी का हुआ है। यह दीगर है कि संघ एक रणनीति के तहत सार्वजनिक रूप से बीजेपी को अपनी राजनीतिक शाखा नहीं मानता। संघ के अन्य 36 अनुषांगिक संगठन विस्तार और मजबूती के मामले में बीजेपी के मुकाबले काफी पीछे चल रहे हैं। ऐसे में संघ अब अन्य 36 संगठनों को भी बीजेपी के समानांतर लाने की कोशिश में है। ताकि संघ परिवार में संतुलन का संकट न खड़ा हो।
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