PC मीना को सामान्य प्रशासन विभाग से हटाने की मांग, इंटेलीजेंस विभाग आज करेगा आपत्तिजनक वीडियो की जांच

भोपाल
रिटायरमेंट के करीब चल रहे एक अपर मुख्य सचिव स्तर के आईएएस का महिला के साथ आपत्तिजनक वीडियो वाइरल होंने के बाद अब नैतिकता के आधार पर उन्हें उनके मौजूदा विभाग से हटाया जा सकता है।

सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ गोविंद सिंह का कहना है कि यह मामला मुख्यमंत्री और उनके संज्ञान में आा गया है। मुख्यमंत्री का इस मसले पर चर्चा के लिए कल फोन भी आया थाा। उन्होंने कहा कि आईएएस पर कार्यवाही का अधिकार मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास है। पहले इस वीडियो की जांच कराई जाएगी इसके बाद मुख्यमंत्री के स्तर पर ही इस मामले में कोई निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल संबंधित अधिकारी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से मुक्त किया जा सकता है।

इधर मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने भी संकेत दिए है कि फिलहाल अधिकारी को प्रमुख जिम्मेदारियों से मुक्त किया जा सकता है। लेकिन विधिवत कार्यवाही इस मामले में किसी तरह की शिकायत आने के बाद ही की जा सकेगी। इंटेलीजेंस को भी इस मामले की तह में जाने के निर्देश मुख्यमंत्री कार्यालय ने दिए है। इंटेलीजेंस विभाग आज आपत्तिजनक वीडियो को जांच के लिए भेज सकता है। इधर पुलिस और प्रशासन उस महिला की भी तलाश कर रहा है जिसके साथ यह वीडियो आया अ‍ै। यह महिला एक एनजीओ से जुड़ी बताई जाती है। संभावना यह है कि जिस काम के लिए महिला अफसर के पास गई थी वह काम नहीं हो पाने पर उसी ने यह वीडियो वाइरल कराया है। पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले की तहकीकात कर रहा है।

इधर आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबें ने सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्यसचिव पीसी मीना को सामान्य प्रशासन विभाग से हटाने की मांग की है। दुबे ने मांग की है कि यह अधिकारी कई विवादों से घिरे हुए है और राजभवन, लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू, सूचना का अधिकार जैसे संवेदनशील विषयों को देखते है इसलिए इन्हें इन प्रमुख जिम्मेदारियों से हटाया जाए। दुबें ने इसको लेकर एक ट्वीट किया है।