हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन विभाग अलर्ट, ड्रोन से की जा रही निगरानी

हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन विभाग अलर्ट, ड्रोन से की जा रही निगरानी

हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और जंगल में प्रवेश नहीं करने की अपील

रायपुर, जशपुर जिले में हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मानव-हाथी द्वंद्व की संभावित घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग द्वारा सतर्कता एवं निगरानी बढ़ा दी गई है। हाथियों की गतिविधियों पर ड्रोन के माध्यम से नजर रखी जा रही है। साथ ही मैदानी अमले को अलर्ट रखते हुए प्रभावित गांवों में मुनादी के जरिए ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है।

वनमंडलाधिकारी जशपुर ने बताया कि 12 अक्टूबर को तपकरा वन परिक्षेत्र के सागजोर बीट में हाथियों की उपस्थिति की सूचना प्राप्त होते ही वन विभाग की टीम तत्काल सक्रिय हो गई। वन अमले द्वारा आसपास के गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को हाथियों की मौजूदगी की जानकारी दी गई तथा जंगल में प्रवेश नहीं करने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी गई।

ड्रोन से निगरानी, मैदानी अमले को किया गया अलर्ट

वन विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए ड्रोन तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे हाथियों की स्थिति और उनके विचरण की जानकारी प्राप्त कर समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा सकें। विभाग का मैदानी अमला भी सतर्क है और प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों को सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

वन विभाग ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों की समय पर जानकारी और ग्रामीणों की जागरूकता से मानव-हाथी द्वंद्व की संभावित घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है। इसी उद्देश्य से प्रभावित गांवों में लगातार सतर्कता बरतने और विभागीय निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।

हाथियों को घेरने, भगाने या फोटो-वीडियो बनाने का प्रयास न करें

वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर स्वयं उन्हें भगाने, घेरने अथवा उनके नजदीक जाने का प्रयास न करें। हाथियों के साथ फोटो या वीडियो बनाने के लिए उनके समीप जाना भी खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें।

विभाग ने विशेष रूप से बच्चों एवं बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर रखने, रात्रि के समय अनावश्यक रूप से जंगल की ओर नहीं जाने तथा नशे की स्थिति में जंगल अथवा हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों में प्रवेश नहीं करने की समझाइश दी है।

ग्रामीणों की सतर्कता और सहयोग से सुरक्षित होगा मानव-हाथी सह-अस्तित्व

वनमंडलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा वन विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी, समय पर सूचना और जनजागरूकता के माध्यम से संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की गतिविधियों के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी मिलने पर तत्काल निकटतम वन अधिकारी अथवा कर्मचारी को सूचित करें। ग्रामीणों का सहयोग, समय पर सूचना और सुरक्षा निर्देशों का पालन मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।