वित्तीय अनियमितता के चलते अकलतरा सरपंच बर्खास्त
जांजगीर
वित्तीय अनियमितता के चलते तथा अपने भाई को मछली ठेका का लाभ दिये जाने के मामले मे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मेनका प्रधान ने ग्राम पंचायत बुचीहरदी विकास खंड अकलतरा के सरपंच वीरेन्द्र सक्सेना बर्खास्त कर दिया। बर्खास्तगी की इस कार्रवाई के विरोध मे सरपंच ने कोर्ट मे मामला ले जाने की बात कही है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बुचीहरदी विकास खंड अकलतरा के सरपंच वीरेन्द्र सक्सेना को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मेनका प्रधान ने बर्खास्त कर दिया। एसडीएम मेनका प्रधान ने बताया कि सरपंच बुचीहरदी को धारा 40 के तहत हटाया जा रहा है। उनके द्वारा वित्तीय अनियमितता बरती गयी है। एस डी एम जांजगीर ने बताया कि बुचीहरदी मे मछली पालन का ठेका उन्होंने अपने भाई को दिया है तथा उसकी राशि ग्राम पंचायत के खाते मे जमा नही की गयी है। इस बात की शिकायत ग्राम वासियों द्वारा की गयी थी। शिकायत सही पाये जाने पर उन्हें बर्खास्त किया जा रहा है।
अब यहाँ सवाल यह उठता है कि क्या 40 या 50 हजार की राशि के लिए सरपंच को बर्खास्त किया जा सकता है। इस बात की चर्चा ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक चल रही है। बुचीहरदी सरपंच की बर्खास्तगी की खबर से सरपंचो के बीच हड़कंप मचा है क्योंकि इस तरह छोटी - बडी वित्तीय अनियमितता लगभग सभी ग्राम पंचायत मे देखने मिल जाती है और प्राय इस तरह की राशियों को एक नोटिस देकर शासकीय खातो मे जमा करवा दिया जाता हैं। कुछ सरपंचो तथा लोगो का कहना है कि यह बर्खास्तगी राजनीतिक षडयंत्र से प्रेरित है अन्यथा इस तरह की राशि एक नोटिस देकर वसुली जा सकती थी परंतु किसी बडें राजनेता का हाथ होने से अधिकारियों के हाथ भी बंधे है परंतु क्या इस तरह की दुष्प्रेरित राजनीति से अधिकारियों को नुकसान नही होगा ? क्या इस तरह की ईमानदार कोशिश ? से वाकई भ्रष्टाचार खत्म हो जायेगा या क्या ये भी संभव है कि जांजगीर जिला मे यह भ्रष्टाचार को खत्म करने की एक कोशिश है इस बर्खास्तगी से क्या होगा यह बात अभी भविष्य के गर्भ मे है पर फिलहाल यह मुद्दा अभी अकलतरा के समस्त ग्राम पंचायतों में गमार्या हुआ है।
धारा 40 के तहत सरपंच निलंबित
बुचीहरदी सरपंच को धारा 40 के तहत मछली पालन की जमानत राशि जमा नही करने तथा ठेके मे भाई को लाभान्वित करने के आरोप मे बर्खास्त किया जा रहा है।
एस डी एम जांजगीर,मेनका प्रधान
मेरे खिलाफ षडयंत्र
यह पूरी तरह मेरे खिलाफ षडयंत्र है। मैने मछली पालन ठेके की राशि अन्य योजना मे लगा दी थी जिसे मै ग्राम पंचायत के खाते मे जमा करने वाला था। मुझे इस संबंध मे एक शार्ट नोटिस भी नही दिया गया है। मै इसके खिलाफ कोर्ट जाऊंगा।
बुचीहरदी सरपंच वीरेंद्र सक्सेना
bhavtarini.com@gmail.com

