अब घटते जाएंगे दिल्ली में कोरोना के मामले एक्सपर्ट्स की भविष्यवाणी
नई दिल्ली
दिल्ली में कोरोना पर एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी खुशखबरी, अब घटते जाएंगे मामले दिल्ली में कोरोना वायरस महामारी के नए मामले अब दिन-ब-दिन कम होते जाएंगे। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो दिल्ली में कई लोगों में हर्ड इम्यूनिटी डेवलप हो चुकी है। कोविड मॉनिटरिंग कमिटी के सदस्य डॉ डीके सरीन का कहना है कि दिल्ली की सीरोलॉजिकल सर्वे रिपोर्ट बताती है कि यहां अच्छी-खासी आबादी कोरोना के प्रति एक्सपोज हो चुकी है। डॉ सरीन ने कहा कि हर्ड इम्यूनिटी डेवलप होने से आने वाले दिनों में नए केसेज घटते जाएंगे। वह इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बायलरी साइंसेज के डायरेक्टर भी हैं। उनके मुताबिक, मई में देशभर में जो सीरो सर्वे किया गया, उसमें दिल्ली नहीं था। उसमें पता चला कि 1% से भी कम आबादी वायरस से एक्सपोज हुई।
'एसिम्प्टोमेटिक होने की वजह से नहीं चला मरीजों का पता'
डॉ डीके सरीन ने कहा, "ऐसा लगता है दिल्ली में बीमारी तेजी से फैली। कई लोग एसिम्प्टोमेटिक थे इसलिए रूटीन टेस्टिंग से पकड़ में नहीं आए।"
दिल्ली ने कैसे पाया कोरोना पर काबू?
दिल्ली मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ अरुण गुप्ता के मुताबिक, कोरोना से लड़ाई में सफलता के पीछे होम आइसोलेशन, टेस्टिंग और बेड कैपेसिटी बढ़ाना और प्लाज्मा थेरेपी बड़ी वजह रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम प्रति 10 लाख पर 44 हजार टेस्ट्स कर रहे हैं जो देश में सबसे ज्यादा है। होम आइसोलेशन और मरीजों की मॉनिटरिंग से पैनिक कम हुआ है।"
'कुछ एरियाज में डेवलप हुई हर्ड इम्यूनिटी'
होली फैमिली हॉस्पिटल में क्रिटिकल केयर मेडिसिन के हेड डॉ सुमित रे के अनुसार, डेटा ग्राउंड सिचुऐशन के हालात दिखाता है। उन्होंने कहा, "पिछले कुछ दिन में नए केसेज कम हुए हैं। अस्पतालों में बेड्स के लिए भीड़ नहीं है। तो ऐसा हो सकता है कि कुछ इलाकों में लोगों ने हर्ड इम्यूनिटी डेवलप कर ली हो।" उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को दिल्ली की सीरो सर्वे रिपोर्ट पब्लिक करनी चाहिए।
करीब 12 हजार बेड्स पड़े हैं खाली
दिल्ली में कोविड-19 मामले घटने का असर उपलब्ध बेड्स की संख्या से समझा जा सकता है। नोवेल कोरोना वायरस के लिए रिजर्व्ड 15,745 बेड्स में से 11,958 खाली पड़े हैं।
'कोरोना पीक को पीछे छोड़ चुकी दिल्ली'
AIIMS डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने सोमवार को कहा था कि दिल्ली में कोरोना अपनी पीक से आगे बढ़ चुका है। हालांकि उन्होंने सावधानी जारी रखने के प्रति चेताया था। डॉ गुलेरिया ने कहा, "हमें केसेज को दोबारा बढ़ने से रोकने के लिए, जैसा दुनिया के कई शहरों में देखने केा मिला है, इन्फेक्शन कंट्रोल के तरीकों और कंटेनमेंट ऐक्टिविटीज को जारी रखना ही होगा।"
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