खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में अभूतपूर्व वृद्धि से कृषि की दिशा और दशा बदलेगी: नरोत्तम मिश्रा

समर्थन मूल्य के रूप में लागत पर 50 प्रतिशत की वृद्धि किसानों के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार का उपहार: डॉ. नरोत्तम मिश्रा

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश शासन के जल संसाधन मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जिस तरह आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने खरीफ की 14 फसलों के समर्थन मूल्य के लागत पर 50 प्रतिशत की वृद्धि की है। यह किसानों के लिए उपहार है। इससे भारतीय कृषि की दिशा और दशा बदलेगी। अन्नदाता के द्वार पर खुशहाली आयेगी। किसान की दशा सुधारने की दिशा में फसलों की मूल्यवृद्धि एक ठोस और स्थायी कदम होगा। पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश को प्रधानमंत्री फसल बीमा का उपहार मध्यप्रदेश की धरती पर दिया। जिससे किसानों को आर्थिक कवच मिला है। इसी तरह प्रधानमंत्री ने परड्राप मोरक्राॅप के माध्यम से राजगढ़ जिले में हरित क्रांति का अगला चरण आरंभ किया है।

An unprecedented increase in the support price of Kharif crops will change the direction and condition of agriculture: Narottam Mishraउन्होंने कहा कि केन्द्र में नरेन्द्र मोदी सरकार ने कृषि और अन्य क्षेत्रों में सुधार के उन्नायक कदम उठाए है, जिनका मध्यप्रदेश में शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व में अमलीजामा पहनाया गया है। जिससे समाज में सुखद परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है। किसानों की आय बढ़ी है। उन्होंने कहा कि किसान की समस्या का समाधान कर्ज माफी नहीं है, बल्कि कांग्रेस ने जहां कर्ज माफी का ढिंढोरा पीटा वहां किसान छले गए, पंजाब इसका उदाहरण है।

                उन्होंने कहा कि 10 साल बाद खरीफ फसल में इतनी वृद्धि की गयी है। 2008-09 में यूपीए सरकार ने 155 रूपए की वृद्धि की थी। जबकि मोदी सरकार ने धान पर 200 रूपए क्विंटल समर्थन मूल्य वृद्धि की है। धान का समर्थन मूल्य 200 रूपए बढ़कर 1750 रूपए क्विंटल किया गया है। ए ग्रेड धान पर 160 रूपए की वृद्धि की गयी है। मक्का का न्यूनतम मूल्य 1425 रुपए से बढ़ाकर 1,700 रुपए कर दिया गया है। तुअर का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5450 रुपए से बढ़ाकर 5675 रुपए कर दिया है। उड़द के लिए अब किसानों को 5400 रुपए के बदले 5600 रुपए प्रति क्विंटल मिलेंगे। ज्वार का एमएसपी 1700-1725 रुपए से बढ़ाकर 2430 रुपए कर दिया गया है। उडद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5400 रुपए के बदले 5600 रुपए होगा। रागी का नया समर्थन मूल्य 2897 रुपए होगा। अभी इसका समर्थन मूल्य 1900 रुपए क्विंटल है। मूंग के लिए किसानों को 6975 रुपए प्रति 100 किलो मिलेंगे। अभी मूंग का समर्थन मूल्य 5575 रुपए है। सोयाबीन का समर्थन मूल्य 3050 रुपए से बढ़कर 3399 रुपए कर दिया है। तिल का एमएसपी 5300 रुपए से बढ़ाकर 6249 रुपए कर दिया गया है। सूरजमूखी के बीज को लिए किसानों को 5388 रुपए होगा। अभी इसका दाम 4,100 रुपए है। मूंगफली का एमएसपी 4450 रुपए से बढ़ाकर 4890 रुपए होगा।

                डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि किसान की मूलभूत आवश्यकताएं बिजली, पानी, सड़क, खाद, बीज और साख सुविधा की होती है। इस दिशा में मध्यप्रदेश ने देश और दुनिया में कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेश में हर खेत को पानी पहुंचाने से संकल्प में आगे बढ़े है। साढ़े सात लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता को बढ़ाकर 40 लाख हेक्टेयर किया गया है। गांव में खेती के लिए 10 घंटे और गृह कार्य के लिए 24 घंटे बिजली उपलब्ध की गयी है। सड़कों का जाल बिछाया गया है। केन्द्र सरकार ने नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन बढ़ाकर इसकी पूर्ति प्रचूर मात्रा में कर दी है। यूपीए के समय में किसानों को यूरिया के लिए सड़कों पर लाठियां खानी पड़ती थी। आज यूरिया का उत्पादन बढ़ने से न्यायपूर्ण वितरण व्यवस्था से किसानों को राहत मिली है।

                उन्होंने कहा कि जब किसान की माली आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए राज्य सरकार ने जीरो प्रतिशत ब्याज पर कर्ज की व्यवस्था की है और मूलधन के भुगतान पर 10 प्रतिशत की छूट दी है, यह किसान की कर्जमुक्ति का ठोस और स्थायी विकल्प है। कर्ज माफी इसका कोई विकल्प नहीं है। कर्ज माफी देकर राजनैतिक दल किसानों को भ्रमित करते है, जैसा कि हाल में पंजाब में हो चुका है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार गांव, गरीब, किसान, मजदूर के कल्याण के लिए कृत संकल्प है। आज प्रधानमंत्री द्वारा समर्थन मूल्य में की गयी वृद्धि आने वाले दिनों में मील का पत्थर सिद्ध होगी। वास्तव में समर्थन मूल्य की घोषणा फसल बोवनी के दरम्यान की जाती है, जिससे किसान को प्रोत्साहन मिलता है। इस दिशा में भी श्री नरेन्द्र मोदी सरकार खरी उतरी है और खरीफ की बुवाई के पहले समर्थन मूल्य घोषित करके किसानों को प्रोत्साहन दिया गया है।