जल संरक्षण के संकल्प के साथ मनाया गया ‘BRICS Sustainable Lifestyle Week’ का तीसरा दिन

जल संरक्षण के संकल्प के साथ मनाया गया ‘BRICS Sustainable Lifestyle Week’ का तीसरा दिन

कल चौथे दिन ‘सतत खाद्य प्रणालियां अपनाएं’ थीम पर होंगे विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम

जयपुर। पर्यावरण संरक्षण एवं सतत जीवनशैली को जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से आयोजित ‘BRICS Sustainable Lifestyle Week 2026’ के तीसरे दिन मंगलवार को प्रदेशभर में ‘Save Water – जल संरक्षण’ थीम के तहत विभिन्न जागरूकता एवं जनभागीदारी संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया गया। सप्ताह के अंतर्गत निर्धारित सात पर्यावरणीय संकल्पों की श्रृंखला में तीसरे दिन जल संसाधनों के संरक्षण, जल के विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल संचयन तथा पारंपरिक जल संरचनाओं के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया।

राजस्थान जैसे मरुस्थलीय एवं जल की सीमित उपलब्धता वाले प्रदेश में जल संरक्षण का विशेष महत्व है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर के सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों एवं विभिन्न विभागों के माध्यम से अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

मिशन LiFE की शपथ के साथ जल संरक्षण का संकल्प

कार्यक्रमों के तहत मिशन LiFE की शपथ के माध्यम से प्रतिभागियों को जल के जिम्मेदार उपयोग एवं संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। आमजन को दैनिक जीवन में पानी की बर्बादी रोकने, आवश्यकता के अनुरूप जल का उपयोग करने तथा जल संरक्षण को अपनी जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

वाटर ऑडिट एवं वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूकता

जल संरक्षण के लिए घरों, कार्यालयों एवं संस्थानों में पानी की खपत का आकलन करने के उद्देश्य से वाटर ऑडिट के महत्व को रेखांकित किया गया। साथ ही नलों एवं पाइपलाइनों में लीकेज रोकने, जल के अनावश्यक बहाव को नियंत्रित करने तथा जल की बचत करने वाले उपायों को अपनाने का संदेश दिया गया।

वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भवनों एवं संस्थानों में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके माध्यम से वर्षा जल का संग्रहण कर भूजल पुनर्भरण एवं भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में योगदान देने की आवश्यकता बताई गई।

पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण पर जोर

कार्यक्रमों के माध्यम से राजस्थान की पारंपरिक जल संरक्षण प्रणालियों एवं स्थानीय जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया गया। तालाबों, बावड़ियों, कुओं एवं अन्य पारंपरिक जल संरचनाओं की साफ-सफाई, मरम्मत एवं पुनर्जीवन के प्रति सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने तथा जल संरक्षण की स्थानीय परंपराओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई।

जल बचत के उपायों को जीवनशैली में अपनाने की अपील

कृषि एवं घरेलू उपयोग में जल की बचत के लिए ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों, जल के पुनः उपयोग तथा अन्य जल दक्ष उपायों को अपनाने के लिए जागरूक किया गया। आमजन से अपील की गई कि वे जल संरक्षण को केवल एक दिन की गतिविधि न मानकर इसे अपनी दैनिक आदतों में शामिल करें।

विभिन्न विभागों की सहभागिता से संचालित हो रहे जागरूकता कार्यक्रम

तीसरे दिन की थीम के अंतर्गत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, वाटरशेड विभाग, नगरीय निकायों, पंचायती राज विभाग तथा स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग की सक्रिय भूमिका निर्धारित की गई है। वहीं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से विभिन्न संचार माध्यमों एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जल संरक्षण के संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

कल चौथे दिन ‘सतत खाद्य प्रणालियां अपनाएं’ थीम पर होंगे कार्यक्रम

‘BRICS Sustainable Lifestyle Week 2026’ के चौथे दिन बुधवार, 4 नवंबर को ‘Adopt Sustainable Food Systems – सतत खाद्य प्रणालियां अपनाएं’ थीम पर प्रदेशभर में विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

चौथे दिन का मुख्य उद्देश्य खाद्य उत्पादन से लेकर उपभोग तक पर्यावरण अनुकूल एवं टिकाऊ तौर-तरीकों को प्रोत्साहित करना, खाद्य अपव्यय को कम करना तथा पौष्टिक एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

इस अवसर पर मिशन LiFE की शपथ के साथ खाद्य अपव्यय कम करने का संकल्प दिलाया जाएगा। मिलेट्स एवं पारंपरिक अनाजों के महत्व पर कार्यशालाओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर इनके पोषण संबंधी लाभों तथा पर्यावरण अनुकूल विशेषताओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही स्थानीय एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों को प्रोत्साहित करने के लिए इनके प्रदर्शन एवं प्रचार-प्रसार संबंधी गतिविधियां आयोजित होंगी।

खाद्य पदार्थों की बर्बादी रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के साथ खाद्य अपशिष्ट के उचित प्रबंधन एवं उससे कंपोस्ट तैयार करने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त स्वस्थ एवं टिकाऊ खानपान की आदतों को अपनाने तथा कृषि में सतत एवं पर्यावरण अनुकूल पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए किसानों, स्वयं सहायता समूहों, शैक्षणिक संस्थानों एवं स्थानीय मंडियों के माध्यम से जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

चौथे दिन के कार्यक्रमों में कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग की प्रमुख भूमिका रहेगी। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा इन गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि 1 से 7 नवंबर तक आयोजित ‘BRICS Sustainable Lifestyle Week 2026’ का उद्देश्य मिशन LiFE के अनुरूप पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार को प्रोत्साहित करना तथा सतत जीवनशैली को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक स्वरूप प्रदान करना है। सप्ताह के प्रत्येक दिन एक विशेष पर्यावरणीय विषय निर्धारित किया गया है, जिसके माध्यम से प्रदेशवासियों को प्रकृति एवं संसाधनों के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।