भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं एक्सपो–2026 में राजस्थान राज्य सत्र का आयोजन
जयपुर। दिल्ली में 2 नवंबर से 5 नवंबर तक आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं एक्सपो–2026 के अंतर्गत मंगलवार को राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा राजस्थान राज्य सत्र का आयोजन ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की अध्यक्षता में किया गया। सत्र में ऊर्जा विभाग की शासन सचिव सुआरती डोगरा तथा निगम के सीएमडी डॉ. रोहित गुप्ता सहित नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के निदेशक डॉ. जे.के. जेठानी, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, देश-विदेश के निवेशकों, अक्षय ऊर्जा परियोजना विकासकर्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि राजस्थान आज अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 51 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित हुई है। विगत 34 माह में राज्य की अक्षय ऊर्जा क्षमता में लगभग 28 गीगावाट की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि एक सुदृढ़ एवं टिकाऊ ऊर्जा तंत्र विकसित करना भी है। नागर ने ऊर्जा भंडारण, प्रसारण तंत्र, कुसुम योजना तथा रूफ टॉप सोलर के विस्तार में राज्य द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने निवेशकों एवं परियोजना विकासकर्ताओं को राजस्थान में उपलब्ध व्यापक संभावनाओं का लाभ उठाने तथा राज्य की अक्षय ऊर्जा विकास यात्रा में सहभागी बनने के लिए आमंत्रित किया।
अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ.रोहित गुप्ता ने प्रस्तुतीकरण में राजस्थान की अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में प्रमुख उपलब्धियों, राज्य के नीतिगत ढांचे, निवेश की संभावनाओं तथा सौर, पवन एवं हाइब्रिड ऊर्जा परियोजनाओं के विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऊर्जा भंडारण की भावी योजनाओं तथा ट्रांसमिशन एवं ग्रिड अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा, भारत के क्लीन एनर्जी transition लक्ष्यों तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा की बढ़ती आवश्यकताओं के संदर्भ में राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के निदेशक डॉ. जेठानी ने राजस्थान में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियों तथा राज्य द्वारा इस क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया। प्रस्तुतीकरण में केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के तीव्र विकास एवं लक्ष्यों की प्राप्ति पर जोर दिया ।
इस दौरान विशेष तकनीकी सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें ऊर्जा विकास निगम के एमडी शिव प्रकाश नकाते, सुमन कुमार, CEO, EVREN, संदीप कश्यप, CEO, पूर्वाह ग्रीन, अविनाश राव, MD & CEO, महिंद्रा सस्टैन, तकनीकी विशेषज्ञ राहुल टोंग्या, श्रीजोर्ग मरीयस ईबेल, अध्यक्ष जर्मन सोलर काउन्सिल, एना रेनोल्ड्स निदेशक, जर्मन सोलर काउन्सिल इत्यादि विशेषज्ञों ने भाग लिया। तकनीकी सत्र में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में नवीन तकनीकों, ऊर्जा भंडारण प्रणालियों, ग्रिड एकीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा की विश्वसनीयता, अंतरराष्ट्रीय अनुभवों एवं आधुनिक ऊर्जा प्रबंधन प्रणालियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस सत्र के माध्यम से निवेशकों, परियोजना विकासकर्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों एवं नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच प्रदान किया तथा राजस्थान में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, तकनीकी सहयोग एवं भावी परियोजनाओं के विकास के नए अवसरों पर संवाद को प्रोत्साहित किया।
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