नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 के चौथे दिन 1,300 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 8 लाख 30 हजार से अधिक लोगों तक पहुँची मध्यप्रदेश पुलिस
भोपाल, मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में संचालित राज्यव्यापी नशामुक्ति जनजागरूकता अभियान 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' को जनता का व्यापक एवं उत्साहपूर्ण समर्थन मिल रहा है। अभियान के चौथे दिन पुलिस ने अपने जनसंपर्क एवं जागरूकता प्रयासों को और अधिक गति देते हुए पूरे प्रदेश में 1,300 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से 8 लाख 30 हजार से अधिक नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं एवं विभिन्न वर्गों के लोगों तक नशे के दुष्परिणामों का संदेश पहुँचाया गया तथा उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने का संकल्प दिलाया गया।
अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में हॉटस्पॉट क्षेत्रों, ग्रामीण अंचलों, शिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से नशे के आदी व्यक्तियों को परामर्श एवं पुनर्वास केन्द्रों की जानकारी दी गई। वहीं विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शॉर्ट फिल्म, व्याख्यान, प्रतियोगिताओं, जनचौपाल, नुक्कड़ नाटक, रैलियों, मैराथन, साइक्लोथॉन, हस्ताक्षर अभियान एवं सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई।
जिलेवार प्रमुख आयोजन
इंदौर नगरीय ने प्रदेश में सर्वाधिक 4 लाख 39 हजार से अधिक लोगों तक पहुँच बनाते हुए अभियान में अग्रणी भूमिका निभाई। यहाँ साइक्लोथॉन, नुक्कड़ नाटक, राजबाड़ा पर जनजागरूकता कार्यक्रम, शहरभर में 60 से अधिक बिलबोर्ड तथा लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स एवं सेलिब्रिटीज की रील्स के माध्यम से व्यापक जनसंदेश प्रसारित किया गया।
बुरहानपुर ने लगभग 1 लाख 35 हजार से अधिक लोगों तक पहुँच बनाते हुए विद्यालयों में चित्रकला, रंगोली, निबंध, नुक्कड़ नाटक एवं रैप डांस प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को नशामुक्ति का संदेश दिया।
बालाघाट में 172 कार्यक्रमों के माध्यम से 30 हजार से अधिक लोगों को जागरूक किया गया, जबकि मंडला ने 70 कार्यक्रमों का आयोजन कर ग्रामीण एवं संवेदनशील क्षेत्रों तक अभियान को प्रभावी ढंग से पहुँचाया। जीआरपी भोपाल ने रेलवे स्टेशनों, यात्रियों, कुलियों एवं ऑटो चालकों के बीच अभियान चलाकर 20 हजार 700 से अधिक लोगों को जागरूक किया।
बैतूल जिले ने तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए 'ऑनलाइन नशा मुक्ति प्लेज' के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक नागरिकों ने डिजिटल रूप से नशामुक्ति की शपथ लेकर अभियान से जुड़ाव प्रदर्शित किया।
आलीराजपुर में पुलिस द्वारा आदिवासी अंचलों एवं साप्ताहिक हाट-बाजारों में नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुति दी गई तथा जागरूकता रथ के माध्यम से निमाड़ी एवं भीली बोली में ग्रामीणों तक संदेश पहुँचाया गया।
सिंगरौली में सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बिलौंजी में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 1,600 छात्र-छात्राओं ने विशाल मानव श्रृंखला बनाकर नशामुक्त समाज का संदेश दिया और 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के प्रति जनजागरूकता का प्रभावी संदेश प्रसारित किया।
रतलाम में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में चिकित्सकों एवं मेडिकल विद्यार्थियों की सहभागिता से नशामुक्ति जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया, जबकि रीवा में जागरूकता कार्यक्रमों के साथ विद्यालयों के आसपास पान-गुटखा विक्रेताओं के विरुद्ध चालानी कार्रवाई भी की गई।
खंडवा एवं बड़वानी में विद्यालयों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री रोकने हेतु विशेष अभियान चलाया गया। डिंडोरी में कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यम से नशामुक्ति संदेश प्रसारित किया गया, जबकि राजगढ़ में प्रचार वाहन के माध्यम से गाँव-गाँव अभियान पहुँचाया गया।
आगर मालवा में ग्राम चौपालों के माध्यम से तथा अशोकनगर में चिन्हित हॉटस्पॉट एवं आदिवासी बस्तियों में जाकर नशे के आदी व्यक्तियों की काउंसलिंग कर उन्हें चिकित्सा एवं पुनर्वास संबंधी जानकारी प्रदान की गई।
अनूपपुर में एक साथ अनेक शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया और सामूहिक शपथ दिलाई गई।
पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों एवं विशेष सशस्त्र बल इकाइयों की सक्रिय भागीदारी
अभियान में पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों एवं विशेष पुलिस इकाइयों ने भी उल्लेखनीय भूमिका निभा रहे हैं। पीटीएस सागर एवं जेएनपीए सागर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए गए। पीटीएस रीवा एवं पीटीएस उमरिया में प्रशिक्षणरत नवआरक्षकों ने नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रभावी संदेश दिया। एमपीपीए भौंरी में नवआरक्षक प्रशिक्षुओं के बीच निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई, जबकि जीआरपी, विशेष सशस्त्र बल (SAF) की विभिन्न वाहिनियों एवं अन्य प्रशिक्षण संस्थानों ने रैलियों, मैराथन, व्याख्यान, स्वास्थ्य शिविर एवं जनसंवाद के माध्यम से अभियान को मजबूती प्रदान की।
मध्यप्रदेश पुलिस का यह अभियान अब केवल एक शासकीय कार्यक्रम न रहकर जनसहभागिता आधारित सामाजिक जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर चुका है। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों तथा विशेष रूप से युवाओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा है कि सामूहिक प्रयासों से ही नशामुक्त, स्वस्थ, सुरक्षित एवं अपराधमुक्त मध्यप्रदेश का निर्माण संभव है।
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