बुंदेली और पैलीमेटा में ‘नमो सेवा : अनकही कहानियां’ कार्यक्रम आयोजित

बुंदेली और पैलीमेटा में ‘नमो सेवा : अनकही कहानियां’ कार्यक्रम आयोजित

ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं और उनके लाभों की दी गई जानकारी

रायपुर, सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत जिले में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ‘नमो सेवा: अनकही कहानियां’ कार्यक्रम का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के छुईखदान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बुंदेली के बाजार चौक एवं ग्राम पंचायत पैलीमेटा के बाजारपारा में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों एवं आम नागरिकों के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों को रोचक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

महत्वाकांक्षी योजनाओं की दी गई जानकारी

कार्यक्रम में कलाकारों ने नाटक एवं संवाद के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, स्वच्छ भारत मिशन, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के महत्व और लाभों के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया। नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए बताया गया कि शासन की योजनाएं किस प्रकार जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में सहायक बन रही हैं। साथ ही ग्रामीणों को पात्रता के अनुसार योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

ग्राम पंचायत बुंदेली के बाजार चौक में आयोजित कार्यक्रम में स्थाीनीय सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य सहित अन्य ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत पैलीमेटा के बाजार पारा में आयोजित कार्यक्रम में सरपंच, ग्राम पटेल सहित पंचायत प्रतिनिधि, जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी को सरल एवं मनोरंजक माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक से अधिक पात्र नागरिक योजनाओं से जुड़कर लाभान्वित हो सकें। इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रमों से ग्रामीणों में शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ शासन और आमजन के बीच संवाद को भी मजबूती मिल रही है।