सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने पुनर्वास गृह का किया निरीक्षण, बच्चों से आत्मीय संवाद कर जानी सुविधाएं
जयपुर। समाज कल्याण सप्ताह के तहत बुधवार को सीकर जिला मुख्यालय स्थित मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह में ‘सेवा संकल्प अभियान—सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम हुआ। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने पुनर्वास गृह का निरीक्षण किया और यहां रह रहे बच्चों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, दिनचर्या और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली तथा फल वितरित किए।
गहलोत ने कहा कि जिन बेसहारा और निराश्रित लोगों का कोई सहारा नहीं होता, उनके लिए सरकार ही सहारा बनती है। इसी उद्देश्य से राजस्थान सरकार प्रत्यक्ष सहयोग और गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से पुनर्वास गृह संचालित कर रही है। उन्होंने बताया कि पुनर्वास गृह में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के भोजन और अन्य आवश्यकताओं के लिए सरकार की ओर से 3,250 रुपए प्रतिमाह मेस भत्ता दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग पेंशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के करीब एक करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचा रहा है। उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत@2047 संकल्प को साकार करने में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बेसहारा और निराश्रित लोगों को सहारा और सम्मानजनक जीवन देना मानव सेवा का सबसे बड़ा पुण्य है।
बच्चों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश
गहलोत ने पुनर्वास गृह की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों से बच्चों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों एवं कार्मिकों को बच्चों को बेहतर वातावरण, शिक्षा, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने नशामुक्ति की शपथ ली और स्वयं नशे से दूर रहने के साथ समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में सीकर के पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी, उप निदेशक प्रियंका पारीक, सहायक निदेशक गार्गी शर्मा, डॉ. सीपी महर्षि, जिला खेल अधिकारी प्रकाश राम गोदारा, राजेश रोलन सहित पुनर्वास गृह के बच्चे, स्टाफ एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
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