भारत का इतिहास पराजय का नहीं, बल्कि शौर्य और वीरता का प्रतीक: केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री

भारत का इतिहास पराजय का नहीं, बल्कि शौर्य और वीरता का प्रतीक: केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री

जयपुर। जोधपुर शहर में आयोजित पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव के अंतर्गत मंगलवार को अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की ओर से पूर्व सैनिकों के सम्मान में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मेजर जनरल अनुराग छिब्बर, फ्लाइंग ऑफिसर नारायण सिंह जोधा, सीपीओ जबर सिंह, जीव-जंतु कल्याण बोर्ड अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई तथा लघु उद्योग भारती के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत का इतिहास पराजय का नहीं, बल्कि पराक्रम, शौर्य और वीरता का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि सदियों से हमारे पूर्वजों ने देश की संस्कृति और अस्मिता की रक्षा के लिए आक्रांताओं से संघर्ष किया, किंतु दुर्भाग्यवश हमें लंबे समय तक पराजय का इतिहास पढ़ाया गया। जबकि सच्चाई यह है कि भारत की पहचान सदैव वीरता और साहस से रही है।

शेखावत ने कहा कि वीर पुरुषों एवं वीरांगनाओं का सम्मान करना हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है। आज इस मंच से वीरांगनाओं एवं वीर नारियों का सम्मान केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उन सभी मौन राष्ट्र प्रहरियों के त्याग, धैर्य और समर्पण के प्रति कृतज्ञता है, जिन्होंने अपने प्रियजनों के बलिदान के बाद भी राष्ट्र की एकता और अखंडता की साधना की है। 

उन्होंने कहा कि आज भारत जिस मुकाम पर खड़ा है, उसमें असंख्य वीर सैनिकों का योगदान और बलिदान निहित है। शेखावत ने मेजर शैतान सिंह सहित देश के लिए समर्पित सभी वीर सैनिकों को नमन करते हुए कहा कि सैनिकों का गौरवशाली इतिहास कर्तव्य, चरित्र निर्माण और संस्कारों की अमर गाथा है।

केंद्रीय मंत्री ने आज के भारत को “नया भारत” बताते हुए कहा कि एक समय था जब देश सैन्य उपकरणों के लिए अन्य देशों पर निर्भर रहता था, लेकिन आज भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि विश्व के अनेक देश आज भारत के सैन्य उपकरण खरीदने के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में जब-जब देश को चुनौती दी गई, तब-तब भारतीय सेनाओं ने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक एवं ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों के माध्यम से दुश्मनों को करारा जवाब दिया।

शेखावत ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में देश तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा केवल सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है, और हमें इसके लिए हर त्याग के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।

अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव समिति की ओर से 11 वीरांगनाओं एवं वीर नारियों का सम्मान किया गया।