हमारी 90 प्रतिशत बजट घोषणाओं की स्वीकृतियां जारी, 80 प्रतिशत पूरी या धरातल पर क्रियान्वयन शुरू: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमने आने वाले समय की कार्ययोजना बजट के रूप में रखने के साथ ही पहली बार सदन में अपनी सरकार के दो साल का रिपोर्ट कार्ड भी रखा था और उस पर सार्थक बहस का विपक्ष को अवसर दिया था लेकिन पूर्ववर्ती सरकार ने अपने 5 वर्षों में कुछ नहीं किया और अब उन लोगों में सच्चाई सुनने की हिम्मत नहीं है, इसलिए वे सदन छोड़कर चले गए।
शर्मा ने शनिवार को सदन में कहा कि हर सरकार का उत्तरदायित्व है कि वह हर साल अपने कार्य का रिपोर्ट कार्ड दे। हमने अपने दोनों वर्षों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि हमने प्रतिपक्ष की चुनौती स्वीकार करते हुए 2 साल बनाम 5 साल का प्रतिवेदन सदन में रखा लेकिन विपक्ष के पास बोलने के लिए कुछ नहीं है। वे बहस करते तो 5 साल की सच्चाई जनता के सामने आ जाती।
विकास कार्यों पर तार्किक बहस होती तो इससे अच्छा कुछ नहीं होता
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अपनी सरकार व गत सरकार के विकास कार्यों के तुलनात्मक आंकड़ों का लेखा-जोखा एक लिखित पुस्तिका के माध्यम से सदन की मेज पर रखा, जिस पर अध्यक्ष ने बहस की अनुमति दी थी। संसदीय लोकतंत्र में अगर विभिन्न राजनीतिक दलों की सरकारों के अलग- अलग कालखंड में किये गये विकास कार्यों व नीतियों पर तार्किक बहस होती तो इससे अच्छी बात कुछ हो नहीं सकती थी।
दो साल में पूरे किए संकल्प पत्र के 73 प्रतिशत वादे, पूरे करेंगे सभी संकल्प
पूर्ववर्ती सरकार की 53 प्रतिशत बजट घोषणाएं अधूरी
शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मूल मंत्र पर राज्य सरकार जनकल्याण के लिए कार्य कर रही है। इसी क्रम में आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र के कुल 392 वादों में से 73 प्रतिशत को पूरा कर लिया गया है या उनका कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि हम संकल्प पत्र के प्रत्येक वादे को पूरा करेंगे। पिछली सरकार के पांच वर्षों में कुल 4148 घोषणाएं की गईं, जिनमें से 2208 घोषणाएं यानि 53 प्रतिशत पूरी ही नहीं की गईं। खासकर अंतिम वर्ष 2023-24 में 1426 घोषणाएं की गईं, जिनमें 1142 यानि 80 प्रतिशत पर कोई काम नहीं हुआ।
626 घोषणाओं पर हुआ जीरो काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि जबकि पूर्ववर्ती सरकार के 5 वर्षों के कार्यकाल में 626 घोषणाएं ऐसी की गई, जिन पर काम शून्य रहा, यानी केवल वोटबैंक की राजनीति के लिए लोकलुभावन वादे कर दिए गए। 450 करोड़ रुपये की लागत से 2000 पायलट ड्रोन देने, 400 करोड़ से चार माइस सेंटर बनाने, 125 करोड़ से पांच गोल्फ कोर्स बनाने और 125 करोड़ से विश्वकर्मा एसएमई टावर बनाने जैसी घोषणाओं पर काम ‘जीरो’ हुआ।
नीतिगत विकास और योजनाओं को जमीन पर उतारा
शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार शानदार काम करते हुए नीतिगत विकास और योजनाओं को धरातल पर उतार रही है। वहीं, राज्य सरकार के मात्र दो वर्षों में 2719 बजट घोषणाएं की गईं, जिनमें से 919 घोषणाएं पूर्ण की जा चुकी हैं और 1 हजार 531 पर कार्य प्रगतिरत है। इस तरह 90 प्रतिशत की स्वीकृतियां जारी कर दी गई हैं और 80 प्रतिशत घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं या धरातल पर क्रियान्वयन शुरू हो गया है।
गत सरकार की तुलना में तीन गुना अधिक पेंशनर्स जोड़े
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब कल्याण की भावना को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार ने पिछली सरकार की योजनाओं को न केवल जारी रखा है बल्कि उनकी प्रभावशीलता को भी बढ़ाया है। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने अंतिम समय में पेंशन में बढ़ोतरी जैसी घोषणाएं की जबकि हमारी सरकार ने पहले ही साल से न्यूनतम पेंशन राशि को बढ़ाया और अब इसे बढ़ाकर 1300 रुपये कर दिया है। इसके अलावा 2 वर्षों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 10 लाख से अधिक नए पेंशनर्स जोड़े गए हैं, जो पूर्ववर्ती सरकार के 2 वर्षों के मुकाबले 3 गुना अधिक है। मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन पर 16 हजार 69 करोड़ रुपये व्यय हुआ है, जो पिछली सरकार के पहले दो वर्षों के 9 हजार 913 करोड़ से डेढ़ गुना अधिक है। इसी तरह, विशेष योग्यजन पेंशन पर 1 हजार 737 करोड़ रुपये व्यय किया गया है जो पूर्ववर्ती सरकार के दो साल की तुलना में पौने दो गुना अधिक है। इसी प्रकार, गत सरकार के दो वर्ष की तुलना में बीपीएल परिवारों को डेढ़ गुना निःशुल्क आवासीय भूखंड आवंटन एवं पालनहार योजना के अंतर्गत सवा दो गुना व्यय किया गया है। कल्याणकारी योजनाओं से सवा दो गुना निर्माण श्रमिक और स्वास्थ्य बीमा योजना में 37 लाख 53 हजार लाभान्वित हुए हैं जो पिछली सरकार की तुलना में तीन गुना है।
शर्मा ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिल रहे निःशुल्क खाद्यान्न के दुरुपयोग का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सरकार द्वारा शुरू किया गया गिवअप अभियान एक जन आंदोलन बना। इसमें लगभग 54 लाख व्यक्तियों ने स्वैच्छिक गिवअप किया और 27 लाख अपात्र व्यक्तियों के नाम ई-केवाईसी के जरिए हटाए गए। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न से वंचित लगभग 72 लाख पात्र व्यक्तियों को योजना से जोड़कर उनका हक दिलाने का कार्य भी सरकार ने किया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2 लाख परिवारों को पट्टा वितरण के लक्ष्य से कहीं अधिक 2 लाख 19 हजार स्वामित्व कार्ड मय पट्टा वितरित किए जा चुके हैं।
हमने 88 हजार से अधिक लेपटॉप-टेबलेट दिए, गत सरकार ने शून्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का युवाओं पर अपार विश्वास है जबकि पूर्ववर्ती सरकार के समय पेपर लीक के कारण युवा अपने भविष्य को लेकर आशंकित ही रहा। हमारी सरकार ने दो साल में 3 लाख 41 हजार 347 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया है जो गत सरकार के पूरे पांच साल की तुलना में डेढ़ गुना है। हमने 185 राजकीय महाविद्यालयों का भवन निर्माण किया है जो गत सरकार से सवा तीन गुना है और चार गुना अधिक 21 नये पॉलिटेक्निक कॉलेज खोले हैं। हमने विद्यार्थियों को 88 हजार 724 टेबलेट और लेपटॉप वितरण किए जबकि पिछली सरकार ने एक भी टेबलेट या लेपटॉप बच्चों को नहीं दिया। वहीं अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत राज्य सरकार अपने 2 वर्षों में ही 35 हजार से अधिक युवाओं को लाभान्वित कर चुकी है, जो कि पूर्ववर्ती सरकार के 5 वर्षों के बराबर है।
हमने दो साल में दी 1 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां
शर्मा ने कहा कि गत सरकार ने युवाओं को जो नौकरियां दी, उनमें से 65 हजार भर्तियां हमारी पूर्ववर्ती सरकार के समय की थी। हमारी सरकार द्वारा 2 वर्षों में 1 लाख से अधिक पदों पर सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं एवं लगभग 1 लाख 55 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। साथ ही, प्रदेश में नवाचार करते हुए वर्ष 2026 के लिए 1 लाख पदों का भर्ती कैलेंडर भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल प्रदान करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में 2 वर्षों में 3 लाख 41 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जो कि पूर्ववर्ती सरकार अपने 5 वर्षों में भी नहीं कर सकी। उनके समय में यह आंकड़ा केवल 2 लाख 35 हजार ही था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पाइपलाइन, तारबंदी और फार्म पौंड जैसे क्षेत्रों में हमारी सरकार के 2 वर्षों का कार्य, पूर्ववर्ती सरकार के 5 वर्ष के कार्यों से कई गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि हमने दो साल में 344 लाख मीटर तारबंदी करवाई है, जो गत सरकार के पूरे पांच साल की तुलना में तीन गुना है। इसी प्रकार, 35 हजार 368 फार्म पौंड यानि सवा गुना और 296 लैम्पस यानि डेेढ़ गुना हमारी सरकार में बने हैं।
महिला कल्याण की कई योजनाओं में गत सरकार का काम जीरो
शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने अंतिम समय में चिरंजीवी ममता एक्सप्रेस, शुभ लक्ष्मी जैसी कई योजनाओं की घोषणा की लेकिन उन पर काम शून्य रहा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बालिका प्रोत्साहन की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लिए और छात्राओं को 2 साल में पूर्ववर्ती सरकार के 2 साल के मुकाबले कई गुना अधिक प्रोत्साहन राशि का वितरण किया है।
स्वास्थ्य पर हमने दो साल में किया कोरोना काल से भी अधिक खर्च
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम किया गया कि स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में हमारी सरकार ने कमी कर दी है। वास्तविकता यह है कि हमने 2 साल में आमजन को मा योजना में 7 हजार 445 करोड़ रुपये का कैशलेस उपचार दिया है जबकि कोरोना जैसी महामारी के लिए पूर्ववर्ती सरकार द्वारा 7 हजार 357 करोड़ रुपये ही स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में व्यय किए गए। इसके अलावा हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करते हुए वर्तमान सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार के मुकाबले कई गुना अधिक जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी का निर्माण करवाया है।
पानी के लिए पहली बार ठोस काम
शर्मा ने कहा कि राजस्थान जैसे विषम परिस्थितियों वाले प्रदेश में जल के महत्व को समझते हुए हमारी सरकार ने रामजल सेतु लिंक परियोजना को धरातल पर उतारने का काम किया है जबकि पूर्ववर्ती सरकार के समय इस परियोजना को केवल लटकाने, अटकाने और जनता को भटकाने का काम किया गया। इसी तरह यमुना नदी के जल को राजस्थान लाने के दशकों पुराने कार्य को भी हमारी सरकार ने प्राथमिकता से किया है। इसी के तहत हरियाणा सरकार के साथ समझौते के बाद परियोजना की डीपीआर का कार्य जल्द पूरा होने वाला है। हरियाणा सरकार द्वारा अलाइनमेंट पर सहमति पत्र भी सौंप दिया गया है।
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