सरकार की सकारात्मक पहल, विकास कार्य के साथ रोजगार से जोड़ने की तैयारी
मंडला
प्रदेश के नक्सल प्रभावित मंडला जिले के 98 गांव नक्सल गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील है। इन ग्रामीण अंचलों में नक्सल गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार यहां ना केवल विकास कार्य करा रही है बल्कि यहां के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए शासकीय आईटीआई या कौशल विकास केन्द्र शुरू करने की तैयारी में है।
मंडला जिले के थाना मोतीनाला के अंतर्गत कुल 45 गांव नक्सल प्रभावित है। जिले के मवई थाना क्षेत्र में 21, पाण्डीवारा चौकी के अंतर्गत 8 और थाना खटिया एवं चौकी टाटरी मवई के अंतर्गत 24 इस तरह कुल 98 गांवों में नक्सली गतिविधियां संचालित होती है। नक्सली इन क्षेत्रों में होंने वाले विकास कार्यों का विरोध करते है। इसकी आड़ में वे क्षेत्रीय युवाओं को रोजगार की आड़ में नक्सली गतिविधियों से जोड़ते है। अब सरकार ने इन क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियां रोकने के लिए ना केवल हाकफोर्स के बेस कैंप यहां लगाने शुरू किए है बल्कि इन क्षेत्रों में पुल-पुलिया, सड़क निर्माण के प्रस्ताव भी केन्द्र सरकार को भेजे है। केन्द्र की मंजूरी के बाद ये निर्माण शुरु किए जा रहे है।
मंडला जिले के संवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्र आमतौर पर गांव और जंग्रलों के बीच बसे है। इस कारण इन क्षेत्रों में आवागमन के साधन बढ़ाए जा रहे है। रोड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत 25 रोड़ एवं 15 पुल-पुलिया निर्माण के प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजे गए थे। इनमें से दो रोड और तीन पुल-पुलियों के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इन स्वीकृत निर्माण कार्य को कराने के लिए मुख्य कार्य पालन यंत्रील लोक निर्माण विभाग मंडला और महाप्रबंधक मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना मंडला को सूचित किया गया है।
क्षेत्रीय विधायक नारायण सिंह पट्टा ने गृह मंत्री से पूछा था कि मंडला के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सलवाद को रोकने सरकार क्या कर रही है। इस पर गृह मंत्री ने कहा है कि मंडला के मवई विकासखंड में युवाओं को रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने और कौशल विकास केन्द्र शुरु करने की जरुरत है। सरकार इस दिशा में काम करेगी। अन्य नक्सल प्रभावित गांवों में भी इस तरह की गतिविधि शुरु करने पर विचार किया जा रहा है।
मंडला जिले में बढ़ती नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने हेतु जिले में एक हॉक फोर्स गु्रप की तैनाती की गई है। थाना मोतीनाला परिसर में हॉक फोर्स तैनात किया गया है। थाना खटिया में स्पेशल आर्मड फोर्स एवं थाना बिछिया में सीआरपीएफ की 148 वाहिनी की एक कंपनी तैनात की गई है। नक्सल प्रभावित थानों और चौकियों में पर्याप्त जिला बल भी तैनात किया गया है। फोर्स के द्वारा लगातार सर्चिंग, एरिया डॉमिनेशन, आरओपी और एम्बुसिंग की कार्यवाही भी की जा रही है। वर्तमान मेें नक्सलियों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए जिले में सशक्त रोकथाम के लिए सीआरपीएफ की 148 वी बटालियन की स्थापना की गई है जिसका मुख्यालय पुलिस लाईन मंडला में बनाया गया है।
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