नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को लेकर की ये भविष्यवाणी
भोपाल
कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार गिरने के बाद मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। सत्तापक्ष और विपक्ष में बयानबाजी का दौर शुरु हो गया है। बीजेपी जहां जल्द सरकार गिरने का दावा कर रही है वही कांग्रेस पांच सरकार चलाने का । इसी बीच अब कमलनाथ सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी का बड़ा बयान सामने आया है।उनका कहना है कि ये कर्नाटक नहीं मध्य प्रदेश है, हॉर्स ट्रेडिंग के लिए BJP को 7 जन्म लेने होंगे।वही गोपाल भार्गव ने सरकार के गिरने की भविष्यवाणी की है।
दरअसल, मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि अगर प्रदेश में कांग्रेस सरकार गिरती है तो इसके लिए वह जिम्मेदार नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार में काफी आंतरिक मतभेद हैं और ऐसे में अगर सरकार गिरती है तो इसके लिए कांग्रेस खुद जिम्मेदार होगी। शिवराज के बयान पर जीतू पटवारी ने पलटवार किया। जीतू ने कहा कि भाजपा ने हमारे लिए समस्याएं पैदा करने के लिए सब कुछ किया है, लेकिन यह कमलनाथ की सरकार है, कुमारस्वामी की नहीं, उन्हें इस सरकार को हिलाने के लिए सात जन्म लेने होंगे।
इसी बीच नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कमलनाथ सरकार के गिरने की भविष्यवाणी ही कर दी है।नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि जो हवा गोवा और कर्नाटक होते हुए इस तरफ आ रही है उसमें मध्यप्रदेश का पहला नंबर है और उन्हें विश्वास है मध्य प्रदेश सरकार जल्द से जल्द अपना पिंडदान करवाएगी और यहां से समाप्त होगी।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के विधायकों की संख्या में कोई बड़ा अंतर नहीं है और जब पूरे प्रदेश में ट्रांसफर उद्योग चल रहा है हर तरफ लूट-खसोट मची हुई है तो ऐसे में कमलनाथ सरकार का भविष्य कितने दिनों का है यह कहना मुश्किल है।
वही इस सियासी भूचाल को लेकर स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि कर्नाटक में लोकतंत्र की हत्या हुई है। निर्वाचित सरकार को बेदखल कर देना प्रदेश देश और प्रजातंत्र के लिए हानिकारक है।मप्र में हमारी सरकार सीएम कमलनाथ के नेतृत्व में 5 साल चलेगी जो विपक्ष मानसून की बात कर रहा है वो बंगाल की खाड़ी में जाकर गिरेगा। वही मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मप्र की स्थिति और हम पूरे ना केवल मजबूत है बल्कि जिस अपेक्षा के साथ जनता ने हमे चुना है उस अपेक्षा को पांच साल पूरी ईमानदारी से पूरा करेंगे।
मध्य प्रदेश विधानसभा का गणित
- कुल सीटें - 230
- कांग्रेस - 114
- बीजेपी - 108 (एक विधायक का सांसद चुने जाने के बाद खाली सीट के बाद की स्थिति)
- निर्दलीय - 4 (सभी का कांग्रेस को समर्थन, एक निर्दलीय विधायक सरकार में मंत्री)
- सपा - 1 विधायक (सरकार को बाहर से समर्थन)
- बसपा - 2 विधायक (सरकार को बाहर से समर्थन)
- बहुमत का आंकड़ा - 116
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