राज्यभर में मनाया जाएगा विश्व वेटलैण्ड दिवस
रायपुर, प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी 02 फरवरी 2026 को विश्व वेटलैण्ड दिवस मनाया जाएगा। इस वर्ष की थीम ‘‘वेटलैंड्स एंड ट्रेडिशनल नालेज- सेलेब्रेटिंक कल्चर हेरिटेज’’ (वेटलैण्ड्स और पारंपरिक ज्ञान- सांस्कृतिक विरासत का उत्सव) निर्धारित की गई है। इस थीम का उद्देश्य वेटलैण्ड्स और उनसे जुड़े स्थानीय समुदायों की सांस्कृतिक परंपराओं के महत्व को उजागर करना है।
छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण, राज्य में आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) के संरक्षण, प्रबंधन और संवर्धन के लिए जिम्मेदार एक प्रमुख सरकारी निकाय है। इसने राज्य के 44 प्रमुख वेटलैंड्स को अधिसूचित किया है और बिलासपुर के कोपरा जलाशय को राज्य का पहला रामसर साइट घोषित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह प्राधिकरण छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत वर्ष 2030 तक 20 वेटलैंड्स को रामसर दर्जा दिलाने का लक्ष्य रख रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण द्वारा राज्य के सभी वनमंडलों में उत्साहपूर्वक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रमों के अंतर्गत बर्ड वॉक, स्कूली विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग एवं पोस्टर प्रतियोगिता, तथा स्टेकहोल्डर्स, स्थानीय गणमान्य नागरिकों, वेटलैण्ड क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं एवं वेटलैण्ड मित्रों के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
प्राधिकरण द्वारा राज्य में वेटलैण्ड के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य में 2.25 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाले 11,096 वेटलैण्ड्स का ग्राउंड ट्रुथिंग एवं सीमा निर्धारण (बाउंड्री डिमार्केशन) कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इस उपलब्धि के साथ छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। इसके साथ ही 2.25 हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल वाले वेटलैण्ड्स के चिन्हांकन एवं संरक्षण के उपाय भी प्रारंभ किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वेटलैण्ड प्राधिकरण के प्रयासों से जिला बिलासपुर स्थित कोपरा जलाशय को 12 दिसंबर 2025 को रामसर सचिवालय, स्विट्जरलैंड द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य का पहला तथा देश का 96 वां रामसर स्थल घोषित किया गया है। यह राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
इसके अतिरिक्त गिधवा-परसदा वेटलैण्ड कॉम्पलेक्स, बेमेतरा को रामसर स्थल घोषित करने हेतु प्रस्ताव विगत 17 दिसंबर 2025 को भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजा गया है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 20 वेटलैण्ड्स को रामसर स्थल का दर्जा दिलाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण राज्य में अधिक से अधिक वेटलैण्ड मित्रों को जोड़कर उन्हें सक्रिय रूप से वेटलैण्ड संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों में सहभागी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
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