'नो योर आर्मी मेला’ प्रदर्शनी, प्रलय ड्रोन से 4 किमी की दूरी से दुश्मन पर किया जा सकता है प्रहार

'नो योर आर्मी मेला’ प्रदर्शनी, प्रलय ड्रोन से 4 किमी की दूरी से दुश्मन पर किया जा सकता है प्रहार

जयपुर। 78वें सेना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत भवानी निकेतन शिक्षा समिति परिसर में चार दिवसीय ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में भारतीय सेना के आधुनिक उपकरणों, अत्याधुनिक हथियारों एवं तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया है। साथ ही, भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और बलिदान की अनेक प्रेरक गाथाओं को भी दर्शाया गया है।

आज जब देशवासी अपने घरों में सुरक्षित जीवन व्यतीत कर रहे हैं, तब हमारी सीमाओं पर वीर जवान हर क्षण तिरंगे की रक्षा में तत्पर रहते हैं। यह प्रदर्शनी आमजन को सेना के समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना से रूबरू कराने का सशक्त माध्यम बन रही है।

शौर्य और बलिदान की अमर गाथाएं

भारतीय सेना का इतिहास वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान की गौरवशाली परंपरा से समृद्ध है। वर्ष 1947 से लेकर आज तक प्रत्येक युद्ध और प्रत्येक सैन्य अभियान में भारतीय सैनिकों ने अद्वितीय साहस और पराक्रम का परिचय दिया है।

आधुनिक तकनीक और अनुशासन का संगम

आज भारतीय सेना आधुनिक हथियारों, अत्याधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण से सुसज्जित है। किंतु इन सभी उपलब्धियों से ऊपर उसका अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा है, जो उसे विश्व की श्रेष्ठ सेनाओं में विशिष्ट स्थान दिलाती है।

प्रलय ड्रोन से 4 किलोमीटर दूर से सटीक प्रहार संभव

प्रदर्शनी में प्रदर्शित प्रलय ड्रोन 2 किलोग्राम की पेलोड क्षमता के साथ 30 से 40 मिनट की उड़ान अवधि में अधिकतम 4 किलोमीटर तक की दूरी तय करने में सक्षम है। यह ड्रोन अधिकतम 300 मीटर की ऊँचाई पर उड़ान भरते हुए लक्ष्य पर सटीक प्रहार कर सकता है, जो भारतीय सेना की उन्नत तकनीकी क्षमता का सशक्त उदाहरण है।