शासकीय अभिलेखों में हेराफेरी कर करोड़ों की जमीन के अवैध विक्रय का खुलासा

शासकीय अभिलेखों में हेराफेरी कर करोड़ों की जमीन के अवैध विक्रय का खुलासा

vikas dandotiya
करैरा (शिवपुरी)। ​करैरा तहसील अंतर्गत हल्का सिल्लारपुर में शासकीय राजस्व अभिलेखों में कूटरचना (फोर्जरी), मिथ्या तथ्यों के प्रस्तुतीकरण और राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर करोड़ों रुपये मूल्य की कीमती जमीन के अवैध विक्रय का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी करैरा को एक विस्तृत शिकायत सौंपकर उच्च स्तरीय जांच एवं दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक व आपराधिक कार्यवाही की मांग की गई है।
शिकायत में हल्का सिल्लारपुर स्थित सर्वे नंबर 379/2 और 379/3 से संबंधित राजस्व दस्तावेजों और विक्रय अनुमति प्रकरणों में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया गया है:

निष्क्रिय सर्वे नंबर पर मिली अनुमति:

 कंचन पुत्र कोमल सिंह लोधी द्वारा कलेक्टर शिवपुरी के समक्ष प्रकरण क्रमांक 6/08-09/अ-21(2) में दिनांक 20.06.2011 को सर्वे नंबर 379/2 (रकबा 0.40 हेक्टेयर) की बिक्री की अनुमति ली गई थी। जबकि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सर्वे नंबर 379/2 अनुपति के पूर्व में ही निष्क्रिय हो चुका था।
दस्तावेजों का स्थानांतरण: शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्ष 2011 में अस्तित्व में आए नए सर्वे नंबर 379/3 का दुरुपयोग करने के लिए तत्कालीन पटवारी और राजस्व अधिकारियों की साठगांठ से बंद हो चुके सर्वे नंबर 379/2 की अनुमति को सर्वे नंबर 379/3 में फर्जी तरीके से दर्ज (ट्रांसफर) करा दिया गया।

करोड़ों की जमीन, कौड़ियों का भाव दिखाने का प्रयास

 सक्षम प्राधिकारी को गुमराह करने के लिए आवेदन में जमीन को नेशनल हाईवे से लगभग 1 किलोमीटर दूर बताया गया था, जबकि हकीकत में यह बेशकीमती जमीन नेशनल हाईवे-27 (NH-27) के बिल्कुल समीप स्थित है, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत करोड़ों रुपये है।

कूटरचित नामांतरण और सिलसिलेवार बिक्री

संदिग्ध आदेशों और राजस्व अभिलेखों में दर्ज की गई फर्जी प्रविष्टियों के आधार पर भूमि का हस्तांतरण निम्न प्रकार से किया गया। पहला नामांतरण: तहसीलदार के प्रकरण क्रमांक 36/2009-10/अ-3 (आदेश दिनांक 28.09.2011) तथा नामांतरण प्रकरण क्रमांक 20 (आदेश दिनांक 20.02.2014) के माध्यम से अनिल कुमार पुत्र मनीराम वैश्य के पक्ष में 1/2 हिस्सा (रकबा 0.20 हेक्टेयर) दर्ज कर दिया गया। पुनः विक्रय: इसके पश्चात तहसीलदार करैरा के प्रकरण क्रमांक 0231/4-6/2022-23 (आदेश दिनांक 23.05.2022) के माध्यम से उक्त भूमि का दोबारा अवैध विक्रय भी किया जा चुका है।

शिकायतकर्ता की प्रमुख मांगें

एसडीएम करैरा से शिकायत पत्र में मांग की गई है कि सर्वे नंबर 379/2 एवं 379/3 के मूल रिकॉर्ड, बंटवारा, नक्शा, बी-1 व विक्रय अनुमति फाइलों का सूक्ष्म सत्यापन कराया जाए तथा वर्ष 2011 में प्रस्तुत दस्तावेजों की प्रामाणिकता जांचते हुए तत्कालीन पटवारी, आरआई और जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका तय की जाए। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्यवाही हो, जांच पूर्ण होने तक जमीन के नामांतरण, डायवर्सन व निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए और फर्जी प्रविष्टियों को निरस्त कर भूमि की वास्तविक स्थिति बहाल की जाए।

इनका कहना है

इस मामले मैं शिकायत प्राप्त हुई संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए है जांच के उपरांत आगे कार्यवाही करेंगे
अनुपम शर्मा
अनुविभागीय अधिकारी करैरा

आपका एक मामला है जिसमें महेश अहिरवार ने एसडीएम से शिकायत की है सर्वे नम्बर 379/3 की, मेरा कोई मामला नहीं है इस मामले मे जो होगा मैं जबाब दूँगा, मेरे पास नोटिस आएगा मैं वकील से जबाब दूँगा मुझे इस मामले मैं कोई सफाई नही देनी है,  यह जमीन हमें भू दान मैं मिली है जिसमें प्रशांत होटल बना है पटटे की जमीन नही, भूदान की है।
जितेंद्र लोधी 
कंचन लोधी का पुत्र