किसानों के हित सर्वोपरि, उर्वरकों का समयबद्ध आवंटन एवं आपूर्ति सुनिश्चित करे: मुख्य सचिव
रबी सीजन में किसानों को मांग के अनुरूप गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश
जयपुर। राज्य में आगामी रबी सीजन 2026-27 के दौरान किसानों को उनकी मांग के अनुरूप गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरकों की जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में मंगलवार को शासन सचिवालय में राज्य स्तरीय ‘फर्टिलाइजर डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेटरी टास्क फोर्स’ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रबी सीजन के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता, आवंटन, आपूर्ति एवं गुणवत्ता से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्य सरकार का प्राथमिक उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की मांग के अनुरूप डीएपी एवं यूरिया का सुचारू एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के लिए आवंटित उर्वरकों की मात्रा का उचित एवं समयबद्ध आवंटन सुनिश्चित करने के साथ ही संबंधित आपूर्तिकर्ता कंपनियों से निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि रबी बुआई के महत्वपूर्ण समय में प्रदेश में डीएपी एवं यूरिया की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी एवं आपूर्तिकर्ता कंपनियां आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने सभी जिलों में डीएपी एवं यूरिया के स्टॉक की स्थिति की समीक्षा करते हुए, मांग एवं उपलब्धता की निरंतर मॉनिटरिंग करने तथा आवश्यकता के अनुरूप तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख शासन सचिव, कृषि एवं उद्यानिकी श्रीमती मंजू राजपाल ने बताया कि प्रदेश में उर्वरक प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक उर्वरक वितरण केन्द्र पर कृषि पर्यवेक्षक एवं सहायक कृषि अधिकारियों की प्रत्यक्ष उपस्थिति में उर्वरक वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में 744 उर्वरक निरीक्षकों के माध्यम से जमाखोरी, कालाबाजारी, टैगिंग एवं अवैध भंडारण जैसी अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि ‘धरती माता बचाओ अभियान’ के तहत गठित समितियों द्वारा नियमित बैठकें आयोजित कर उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की निगरानी की जा रही है।
प्रदेश में पर्याप्त उर्वरक स्टॉक उपलब्ध
वर्तमान में प्रदेश में 3 लाख 73 हजार मैट्रिक टन यूरिया, 1 लाख 04 हजार मैट्रिक टन डीएपी, 95 हजार मैट्रिक टन एनपीके तथा 2 लाख 09 हजार मैट्रिक टन एसएसपी का स्टॉक उपलब्ध है। उर्वरकों की आपूर्ति लगातार जारी है। भारत सरकार द्वारा राज्यों को उर्वरकों का माहवार एवं कम्पनीवार आवंटन किया जाता है। राज्य सरकार द्वारा प्राप्त आवंटन और जिलों की वास्तविक मांग के आधार पर जिलेवार आपूर्ति योजना तैयार कर उर्वरकों का पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
बैठक में शासन सचिव, सहकारिता डॉ. समित शर्मा, आयुक्त कृषि श्री नरेश कुमार गोयल तथा इफको, कृभको, आईपीएल, सीएफसीएल, एनएफएल एवं एचयूआरएल सहित प्रमुख उर्वरक आपूर्तिकर्ता कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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