मुख्य सचिव ने ली उपभोक्ता मामले तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक
ज़िला एवं राज्य उपभोक्ता आयोगों के संबंध में नई गाइडलाइंस जारी करने तथा उपभोक्ता हेल्पलाइन को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश
उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन के संबंध में नए दिशा निर्देश बनाने हेतु किया निर्देशित
जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में सोमवार को शासन सचिवालय में उपभोक्ता मामले तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में संचालित उपभोक्ता न्यायालयों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उपभोक्ता मामले तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने मुख्य सचिव को विभागीय प्रक्रियाओं एवं मुख्य योजनाओं से अवगत कराया।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने उपभोक्ता न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर बल देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है तथा इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि राज्य एवं जिला उपभोक्ता आयोगों में 56000 से अधिक प्रकरण लंबित हैं। इनको समयबद्ध निस्तारित करने तथा निस्तारण मापदंड तय करने हेतु उपस्थित सदस्यों को निर्देशित किया।
उपभोक्ता आयोगों की कार्यप्रणाली के संबंध में नई गाइड लाइन जल्द जारी हो
बैठक में मुख्य सचिव ने राज्य उपभोक्ता आयोग के सदस्यों को निर्देश दिए कि राज्य एवं ज़िला उपभोक्ता आयोगों की कार्यप्रणाली के संबंध में नवीन एवं स्पष्ट दिशा-निर्देश (गाइडलाइंस) शीघ्र जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि इन दिशा-निर्देशों में आयोगों में लंबित प्रकरणों को एक विशेष कार्ययोजना बनाकर त्वरित निस्तारण की समय-सीमा, प्राथमिकता निर्धारण की प्रक्रिया तथा लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि उपभोक्ता आयोगों में कार्यरत न्यायाधीशों एवं सदस्यों के बीच कार्य का समुचित एवं संतुलित आवंटन किया जाए ताकि प्रकरणों का समयबद्ध निष्पादन संभव हो सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा एवं उपभोक्ताओं की सुलभ न्याय प्रदान करना राज्य सरकार की मुख्य प्रतिबद्धता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए उपभोक्ता संरक्षण तंत्र को सुदृढ़ बनाएं तथा निर्धारित समय-सीमा में सभी निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करें।
उपभोक्ता आयोगों की कार्यशाला होगी आयोजित
मुख्य सचिव ने उपभोक्ता आयोगों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के उद्देश्य से राज्य के सभी उपभोक्ता आयोगों की एक राज्य स्तरीय कार्यशाला (वर्कशॉप) यथाशीघ्र आयोजित करने के दिशा निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यशाला में सभी उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्य भाग लें। कार्यशाला में प्रक्रियागत सुधार, सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान, तकनीकी संसाधनों के उपयोग तथा न्यायिक दक्षता बढ़ाने पर विशेष चर्चा की जाए।
उपभोक्ता हेल्पलाइन को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश
समीक्षा बैठक में उपभोक्ता हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर भी विशेष चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपभोक्ता हेल्पलाइन को अधिक प्रभावी, संवेदनशील एवं जवाबदेह बनाया जाए, ताकि कॉल करने वाले प्रत्येक उपभोक्ता को उचित मार्गदर्शन एवं त्वरित सहायता प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा उनके निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की जाए।
राशन दुकानों के आवंटन हेतु बनेंगे नए दिशा निर्देश
समीक्षा बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य भर में संचालित उचित मूल्य की दुकानों को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया के संबंध में नवीन गाइडलाइन बनाई जाए। इसमें लाइसेंस प्रदान करने की पात्रता, पारदर्शिता, निगरानी व्यवस्था तथा लाइसेंस की वैधता की अवधि स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि उचित मूल्य की दुकानों के लाइसेंस की वैधता के लिए निश्चित समय-सीमा तय की जाए तथा समय-समय पर उनके कार्यों की समीक्षा की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि आम नागरिकों को निःशुल्क राशन की निर्बाध एवं पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। बैठक में मुख्य सचिव ने दोनों विभागों की समीक्षा करते हुए यह कहा कि विभिन्न स्तरों पर ज़रूरी सुधार लागू करने की आवश्यकता है।
समीक्षा बैठक में अम्बरीष कुमार ने कहा कि विभाग राज्य एवं जिला उपभोक्ता आयोगों में पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित न्याय प्रक्रिया के माध्यम से प्रदेश में सभी उपभोक्ताओं को त्वरित और प्रभावी न्याय प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विभागीय प्रक्रियाओं के संबंध में मुख्य सचिव महोदय द्वारा प्रदत्त निर्देशों की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी
उपभोक्ता न्यायालयों का होगा आधुनिकीकरण
इससे पहले उपभोक्ता न्यायालयों के सुदृढ़ीकरण, आधुनिकीकरण एवं उन्नयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित सक्षम समिति की बैठक में मुख्य सचिव ने राज्य एवं जिला उपभोक्ता आयोगों के सशक्तिकरण एवं बजट घोषणा के क्रियान्वयन के लिए वीसी सेटअप, कंप्यूटर डेस्कटॉप उपलब्धता के साथ जिला आयोगों के भवन निर्माण संबंधी प्रस्ताव भारत सरकार को यथाशीघ्र प्रेषित किए जाने हेतु निर्देशित किया।
बैठक में सक्षम समिति के सदस्य प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव देवाशिष्ठ पृष्ठी, श्रीमती टीना सोनी, निदेशक उपभोक्ता मामले पूनम प्रसाद सागर, पंजीयक राज्य उपभोक्ता आयोग राजेश गुप्ता एवं विभागीय वित्तीय सलाहकार बृजभूषण शर्मा सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
bhavtarini.com@gmail.com
