पीएम आवास ग्रामीण, अटल प्रगति पथ एवं अटल ज्ञान केन्द्रों का काम गुणवत्ता के साथ समय पर हो पूरा-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

पीएम आवास ग्रामीण, अटल प्रगति पथ एवं अटल ज्ञान केन्द्रों का काम गुणवत्ता के साथ समय पर हो पूरा-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

विकास परियोजनाओं में नहीं हो किसी तरह की कोताही

स्कूलों में 12 हजार 500 करोड़ से आधारभूत सुविधाओं का होगा विकास

भरतपुर, बीकानेर एवं अजमेर में आरआईटी की होगी स्थापना

स्मार्ट योजना में अब तक 6 सेवाओं से लाभान्वित हुए 2 लाख 70 हजार लोग

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गांव, गरीब, युवा, नारी शक्ति और किसान राज्य सरकार की विकास परियोजनाओं का केन्द्र बिन्दु हैं। नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ गांव-ढाणी तक समग्र विकास के लिए राज्य सरकार ने कई योजनाएं और कार्यक्रम शुरू किए हैं। प्रशासनिक अधिकारी इन योजनाओं का बेहतरीन क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। सड़क, शिक्षा, चिकित्सा, पानी और बिजली सहित अन्य जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं हो।

मुख्यमंत्री गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित राज उन्नति की 9वीं बैठक में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं एवं विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आमजन को योजनाओं एवं विकास कार्यों का समय पर लाभ मिले, इसके लिए स्वीकृति, निविदा तथा कार्यादेश समय पर जारी हों तथा इनको समय पर पूरा किया जाना सुनिश्चित करें। सभी प्रक्रियाओं को स्ट्रीमलाइन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजनाओं में अनावश्यक विलम्ब करने वाले संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। अधिकारी अपने दफ्तरों से बाहर निकलकर फील्ड में जाकर कार्यों का निरीक्षण करें। हर योजना की हर स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग हो और प्रशासन पूर्णतया आमजन से जुड़कर कार्य करे। 

अटल प्रगति पथों से गांवों में बेहतर कनेक्टिविटी

उन्होंने प्रदेश में 5 हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण कस्बों में अटल प्रगति पथों के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि वर्ष 2025-26 के सभी शेष कार्य एवं वर्ष 2026-27 के प्रथम चरण के प्रगतिरत कार्यों को नवम्बर 2026 तक पूरा किया जाए। वहीं, वर्ष 2026-27 के द्वितीय चरण के सभी निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराए जाएं। उन्होंने कहा कि अटल प्रगति पथों के निर्माण कार्यों की जिलेवार टाइमलाइन तय कर कार्यों की गुणवत्ता की भी निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। इनका कार्य पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होने के साथ ही जनसुविधाओं तक आमजन की पहुंच सुगम हो सकेगी।

स्कूल भवन होंगे आधुनिक सुविधाओं से युक्त 65 हजार 308 विद्यालयों का सघन तकनीकी सर्वे पूर्ण

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा का स्तर और बेहतर करने के लिए स्कूल भवनों का पुनरुद्धार करने के साथ ही उनमें आधुनिक सुविधाओं का भी विस्तार करेगी। इस पर करीब 12 हजार 500 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक निवेश किया जा रहा है। इसके लिए सभी 41 जिलों के 65 हजार 308 राजकीय विद्यालयों का सघन तकनीकी सर्वे किया गया है। सर्वे के आधार पर प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 3 हजार 587 जर्जर स्कूल भवनों तथा करीब 71 हजार 78 कक्षा-कक्षों के साथ विद्युत, पेयजल एवं शौचालय जैसी सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता चिन्हित की गई। 

उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने स्कूलों में सुविधाओं के विकास के लिए 3 हजार 364 कार्य स्वीकृत किए हैं, जिन पर 1 हजार 220 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। करीब 2 हजार 500 करोड़ रुपये के 5 हजार कार्य प्रगतिरत हैं, जबकि 652 नए स्कूल भवनों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर निविदा प्रक्रिया में लिया गया है। जनजातीय क्षेत्रों में 82 कार्यों में से 80 कार्य प्रगतिरत हैं। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित विकास कार्यों को समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि विद्यालय अवसंरचना में सुधार राज्य सरकार की प्राथमिकता है। वर्ष 2018 से 2023 तक मात्र 2 हजार 287 करोड़ रुपये की राशि ही इस हेतु स्वीकृत की गई थी। जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सितम्बर 2026 तक ही 2 हजार 973 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। 

पंचायत मुख्यालयों पर युवाओं के लिए अटल ज्ञान केन्द्र

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं एवं आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विकसित किए जा रहे अटल ज्ञान केन्द्रों के कार्यों को गति प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायती राज विभाग को निर्देश दिए कि प्रथम चरण के शेष कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए तथा द्वितीय चरण के 2 हजार अटल ज्ञान केन्द्रों की स्थापना की स्वीकृति शीघ्र जारी करें। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत मुख्यालयों में विकसित किए जा रहे ये केन्द्र ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
 
उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण में प्रदेश में 2 हजार 52 केन्द्र स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 628 पूर्ण हो चुके हैं। शेष का कार्य प्रगतिरत है। साथ ही, द्वितीय चरण में 3 हजार अटल ज्ञान केन्द्र बनाए जाने हैं, जिनमें से 1 हजार केन्द्रों की स्वीकृति जारी हो चुकी है। इन केन्द्रों में पुस्तकालय, ई-लाइब्रेरी, ई-मित्र एवं ऑनलाइन सेवाओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

पढ़ाई के साथ पोषण का भी पूरा ध्यान

बैठक में पन्नाधाय बाल गोपाल योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि योजना के तहत विद्यार्थियों के पोषण स्तर में सुधार के लिए नियमित रूप से दूध उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, दूध की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग को सभी जिलों में जल्द से जल्द दूध पाउडर की शत् प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि स्कूल शिक्षा, गोपालन और वित्त विभाग आपसी समन्वय से यह सुनिश्चित करें कि दूध पाउडर की आपूर्ति कभी भी बाधित नहीं हो।

उल्लेखनीय है कि विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के पोषण स्तर में सुधार की दृष्टि से राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की है, जिसके माध्यम से करीब 46 लाख विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। योजना के लिए करीब 800 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। 

वीबी-जीरामजी के तहत 3.29 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजित

मुख्यमंत्री ने बैठक में वीबी-जीरामजी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रोजगार सृजन एवं भुगतान की समीक्षा करते हुए ग्रामीण विकास विभाग को निर्देश दिए कि योजना के तहत प्रत्येक जरूरतमंद पात्र परिवार को आवश्यक रूप से रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जुलाई माह से अब तक 3 करोड़ 29 लाख रोजगार दिवस सृजित किया जाना इस योजना की बेहतरीन उपलब्धि है।
 
वर्ष 2029 तक सभी पात्र परिवारों को पक्का आवास

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की समीक्षा करते हुए ग्रामीण विकास विभाग को निर्देश दिए कि योजना के तहत वर्ष 2029 तक सभी पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य को टाइमलाइन के अनुसार पूरा किया जाए। उन्होंने दिसम्बर 2026 तक सभी प्रगतिरत आवासों को पूर्ण करवाए जाने तथा लाभार्थियों को समय से किस्तों का भुगतान सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए। साथ ही, वर्ष 2026-27 के आवंटित लक्ष्यों की स्वीकृति शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन भूमि में निवासरत भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता के साथ भूमि एवं आवास आवंटन किए जाने के भी निर्देश दिए। 

ग्रामीण क्षेत्रों की 8.97 लाख से अधिक शिकायतों का निस्तारण

मुख्यमंत्री ने बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक नागरिक सुविधाओं से संबंधित शिकायतों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि परिवेदनाओं को शीघ्र निस्तारण किया जाए। इस कार्य की निरंतर मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित हो तथा विशेष रूप से पेयजल से संबंधित समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को त्वरित राहत पहुंचाने के लिए अतिशीघ्र शिकायतों पर कार्यवाही सुनिश्चित होनी चाहिए। इस कार्य में कोताही बरतने वाले कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कृषि और पशुपालन विभाग भी परिवेदनाओं का शीघ्र निस्तारण करें तथा मुख्य सचिव इन विभागों की निस्तारण प्रक्रिया की निरंतर मॉनिटरिंग करें। 
 
उल्लेखनीय है कि ग्रामीण क्षेत्रों से 1 जनवरी से 21 सितम्बर 2026 तक कुल 8 लाख 97 हजार 808 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 8 लाख 68 हजार 425 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। मात्र 3.27 प्रतिशत शिकायतें लंबित हैं। वहीं, मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग से संबंधित शिकायतों का जनसेवा शिविरों के जरिये प्राथमिकता से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, जिला कलक्टर्स को निर्देशित किया कि जिन ग्राम पंचायतों में शिविर का आयोजन नहीं हुआ है, उनके शिविर पंचायत समिति स्तर पर एकसाथ आयोजित किये जाएं। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता से पेयजल, जल भराव और सड़क संबंधी समस्याओं का इन शिविरों के माध्यम से समाधान हो।

आरआईटी के लिए विधानसभा में पेश होंगे विधेयक

उन्होंने भरतपुर, बीकानेर व अजमेर के तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों को अपग्रेड कर राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरआईटी) के रूप में विकसित करने के कार्य की समीक्षा करते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि इनकी स्थापना के लिए विधानसभा में विधेयक प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए। इसके लिए विधि विभाग से शीघ्र सहमति प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इन आरआईटी की स्थापना पर करीब 300 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इस संबंध में भी वित्त विभाग आवश्यक वित्तीय स्वीकृति जारी करे।

बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए 6 नए ट्रोमा सेंटर

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए 6 नए ट्रोमा सेंटर के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए चिकित्सा विभाग को ट्रोमा सेंटर कोलाना (बांदीकुई), दलोत (प्रतापगढ़) के कार्य को 31 मार्च 2027 तक तथा देसूरी (पाली) के कार्य को मार्च 2028 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरयूएचएस जयपुर में ट्रोमा सेंटर उन्नयन के कार्य को भी मार्च 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, साण्डेराव (पाली) में ट्रोमा सेंटर के निर्माण कार्य को कार्ययोजना बनाकर शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। बैठक में चिकित्सा विभाग द्वारा बताया गया कि दूदू में ट्रोमा सेंटर का कार्य पूर्ण हो चुका है।

आमजन को राहत पहुंचाना ही राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक में व्यक्तिगत परिवेदनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने बीकानेर जिले के लूणकरणसर उप जिला अस्पताल में आई प्रसूता श्रीमती बुस्कारो को जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रोत्साहन राशि के भुगतान एवं धौलपुर के कटेलपुरा गांव में विद्यालय के मुख्य मार्ग पर जलभराव एवं कीचड़ की समस्या के समाधान के प्रकरण की जानकारी ली। उन्होंने इस संबंध में शिकायतकर्ताओं से बातचीत की। इस दौरान परिवेदनाओं के निस्तारण के लिए शिकायकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी विभागों और जिला कलक्टर्स को कहा कि आमजन को राहत पहुंचाना ही राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही ना बरती जाए। 

मुख्यमंत्री ने पूर्व में आयोजित राज उन्नति की बैठकों में दिए गए निर्देशों की अनुपालना की समीक्षा भी की। उन्होंने लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा शीघ्र इन कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सर्विस मैनेजमेंट विद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एण्ड रियल टाइम सिस्टम (स्मार्ट) योजना के तहत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, पालनहार छात्रवृत्ति, स्वयं सहायता समूहों को ऋण, लाडो प्रोत्साहन योजना, गार्गी पुरस्कार, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना सहित 10 प्रमुख योजनाओं को आगामी 10 दिसम्बर तक स्मार्ट प्लेटफॉर्म पर लाने के निर्देश दिए। साथ ही, संबंधित विभागों को योजना के नियमों में आवश्यक संशोधन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने मुख्य सचिव को इस कार्य की निरंतर मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए। 

उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के तहत वर्ष 2025- 26 एवं 2026-27 के विकास कार्यों को 15 दिसम्बर 2026 से पूर्व पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़े समस्त कार्यों को समय से पूरा करने के लिए निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। 

बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, संभागीय आयुक्त एवं जिला कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े। साथ ही, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।