मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक
जयपुर। जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (SLCCC) की बैठक मंगलवार को सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। निदेशक, जनगणना कार्य, बिष्णु चरण मल्लिक ने पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जनगणना-2027 के प्रथम चरण में किए गए कार्यों तथा दूसरे चरण में प्रस्तावित जनसंख्या गणना की तैयारियों, कार्यप्रणाली, समय-सारणी, प्रशिक्षण एवं डिजिटल व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनगणना कार्य को सुचारू एवं समयबद्ध रूप से सम्पन्न कराएं तथा इसमें लगाए जाने वाले अधिकारियों एवं कार्मिकों को आवश्यक प्रशिक्षण समय पर उपलब्ध कराया जाए।
प्रथम चरण में 1.34 लाख से अधिक हाउस-लिस्टिंग ब्लॉक्स का कार्य पूरा
बैठक में मलिक ने बताया कि प्रथम चरण में हाउस लिस्टिंग एंड हाउसिंग सेंसस (HLO) के तहत भवनों, जनगणना मकानों एवं परिवारों की व्यवस्थित सूची तैयार करने के साथ आवास की स्थिति, छत की सामग्री, पेयजल के स्रोत, शौचालय जैसी सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी संकलित की गई। राजस्थान में 1,34,091 हाउस लिसिटिंग ब्लॉक्स (HLBs) में हाउस-लिस्टिंग का कार्य केवल HLO App के माध्यम से पूरा किया गया है।
25 जनवरी से 28 फरवरी तक होगी जनसंख्या गणना
दूसरे चरण में Population Enumeration (PE) के तहत प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी तथा सामाजिक-आर्थिक, जनसांख्यिकीय एवं प्रवासन से संबंधित विस्तृत जानकारी संकलित की जाएगी। राजस्थान के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार सेल्फ एन्यूमेरेशन 10 से 24 जनवरी 2027, जबकि पॉपुलेशन एन्यूमेरेशन 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक होगी। इसके बाद 28 फरवरी 2027 की रात बेघर आबादी की गणना तथा 1 से 5 मार्च 2027 तक रिवीजनल राउंड प्रस्तावित है। जनगणना की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 को 00:00 बजे निर्धारित की गई है।
डिजिटल माध्यम से होगी गणना, सेल्फ एन्यूमेरेशन की भी सुविधा
बैठक में शामिल अधिकारियों ने बताया कि जनगणना 2027 देश की पहली डिडिटल सेंसस होगी, जिसमें स्मार्टफोन पर उपलब्ध PE Mobile App के माध्यम से आंकड़े डिजिटल रूप से दर्ज, सत्यापित एवं मॉनिटर करेंगे। दूसरे चरण में CMMS के माध्यम से फील्ड कार्यों का एंड-टू-एंड प्रबंधन, रियल-टाइम प्रगति की निगरानी और डेटा गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी, जबकि EB Creator से प्रथम चरण में तैयार HLBs के भीतर एन्यूमेरेशन ब्लॉक्स तैयार किए जाएंगे। नागरिकों को पहली बार सेल्फ-एन्यूमेरेशन पोर्टल के माध्यम से निर्धारित अवधि में स्वयं ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने की सुविधा मिलेगी, जिसके बाद उसका सत्यापन किया जाएगा। सेल्फ-एन्यूमेरेशन की अवधि 15 दिन रखी गई है और HLO में दिए गए मोबाइल नंबर के माध्यम से भी प्रक्रिया पूरी करने का प्रावधान है।
व्यापक जन-जागरूकता पर विशेष जोर
बैठक में करीब 1.80 लाख फील्ड कार्मिकों की समय पर उपलब्धता, पर्याप्त रिजर्व व्यवस्था, आवश्यक पदों को भरने, जनगणना अवधि में नियुक्त कार्मिकों के स्थानांतरण पर नियंत्रण तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता पर भी जोर दिया गया।
bhavtarini.com@gmail.com
