भोपाल, प्रदेश में बेमौसम बारिश-ओलों से प्रभावित किसानों के लिए राहत का पिटारा खोलते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 5500 करोड़ रुपए को मंजूरी दी है। जल्द ही किसानों का सर्वे कर राहत राशि देने का काम शुरू हो जाएगा। उधर, केंद्रीय योजनाओं के संचालन के लिए विभागों को तय खर्च सीमा में छूट प्रदान कर दी गई है।
प्रदेश के किसानों को ओला-बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राहत देने और प्रधानमंत्री फसल बीमा का लाभ दिलाने के लिए शिवराज सरकार ने बजट सत्र में पारित किए गए अनुपूरक बजट में 5500 करोड़ रुपए को मंजूरी दी है। अलग-अलग मदों में यह राशि किसानों के हित से जुड़ी है जिसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद अनुपूरक बजट से भी मंजूरी मिल गई है।
सरकार द्वारा बजट में किए गए प्रावधानों के चलते पिछले कुछ दिनों में हुई ओलावृष्टि और फसल आड़ी तिरछी होने की स्थिति में किसानों का सर्वे करके राहत राशि देने का काम किया जाएगा।
किसानों के लिए खासतौर पर जो प्रावधान किए गए
अनुपूरक बजट में किसानों के लिए खासतौर पर जो प्रावधान किए गए हैं, उसमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अलग-अलग तीन मदों में 1415 करोड़ रुपए का प्रावधान शामिल है। इसके अलावा ट्रेक्टर और कृषि उपकरणों पर अनुदान के लिए दो मदों में 13 करोड़ मंजूर किए गए हैं। बाढ़ तथा ओला पीड़ितों को राहत अंतर्गत सहायक अनुदान के लिए 250 करोड़ और प्राकृतिक आपदा अनखर्चि मार्जिन धन निधि, अकाल राहत निधि में 1204 करोड़ व राष्ट्रीय आकस्मिक आपदा राहत निधि में 1892 करोड़ रुपए का प्रावधान मंजूर किया जा चुका है।
साथ ही आरबीसी 6 (4) में आर्थिक सहायता देने के लिए 100 करोड़ रुपए तथा कीट प्रकोप में फसल क्षति योजना अंतर्गत 606 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आपदा प्रबंधन योजनाओं को बनाने के लिए पूंजीगत मद में वृहद निर्माण के लिए 484 करोड़ के खर्च के मद्देनजर राशि का प्रावधान किया गया है।
अनुपूरक बजट में 31 मार्च के पहले किए जाने वाले खर्च के लिए नदी जोड़ो परियोजनाओं के लिए भी राशि मंजूर की गई है। इसमें नर्मदा मालवा गंभीर लिंक उद्वहन योजना के लिए 40 करोड़, कालीसिंध लिंक परियोजना के फेस 1 के लिए 100 रुपए तथा नर्मदा (आईएसपी) पार्वती लिंक योजना के लिए 150 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
संबल योजना में सहायक अनुदान के अंतर्गत 136 करोड़ रुपए स्वीकृत
मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना में सहायक अनुदान के अंतर्गत 136 करोड़ रुपए स्वीकृत हैं। साथ ही बिजली से संबंधित योजनाओं में उदय योजना के लिए 231.63 करोड़, निशुल्क विद्युत प्रदाय योजना के दो अलग मद के लिए 900 और 829 करोड़ रुपए का प्रावधान मंजूर किया गया है।