भोपाल, डॉग स्क्वायड की टीम में अब विदेशी नहीं, देसी कुत्ते भी नजर आएंगे। पीएम मोदी के अह्वान के बाद एमपी पुलिस ने अपने बेड़े में देसी कुत्तों को भी शामिल किया है। पीटीएस डॉग 23वीं वाहिनी भोपाल में विदेशी के साथ देसी कुत्ते भी कर्तव्य दिखाते नजर आएंगे। भारत में यह पहली बार हो रहा है कि जब विदेशी के साथ देसी डॉग चोरों को पकड़ने में पुलिस की मदद करेंगे।
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भोपाल स्थित ट्रेनिंग अकादमी में देसी कुत्तों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डॉग स्क्वायड की टीम में एमपी पुलिस ने विदेशी डॉग के साथ 20 देसी डॉग को शामिल किया है। इन कुत्तों को नौ महीने तक ट्रेनिंग दी जाएगी। पीएम मोदी ने लॉकडाउन के दौरान अह्वान किया था कि अब हम स्ट्रीट डॉग को आवारा पशु नहीं कहलाने देंगे, उसे हमें ट्रेंड कर पुलिस का सहयोगी बनाना है।
पीएम का सपना साकार रही एमपी पुलिस
एमपी पुलिस अब पीएम मोदी के उसी सपने को साकार कर रही है। भोपाल में 20 देसी कुत्तों को प्रशिक्षण देने का काम शुरू हो गया है। ये कुत्ते अलग-अलग राज्यों से लाए गए हैं। इन कुत्तों की उम्र अभी बहुत कम है, लेकिन ट्रेनिंग शुरू हो गई है। पुलिस के वरीय अधिकारी भी लगातार इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
नौ महीने में हो जाएंगे ट्रेंड
पीटीएस 23वीं वाहिनी के एसपी यूसुफ कुरैशी ने बताया कि इनकी ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है और 9 महीने के बाद वेल ट्रेंड हो जाएंगे। उसके बाद अपने हैंडलर के साथ अनुसंधान के काम में लग जाएंगे। इनकी ट्रेनिंग में विदेशी डॉग से कम खर्च आता है। एसपी यूसुफ कुरैशी ने बताया कि इन डॉग कोट पेंट करने में विदेशी डॉग से कम खर्चा आता है।