CM ने की कोरोना पर मंत्री-अफसरों के साथ बैठक, इंदौर-भोपाल में मास्क जरूरी

CM ने की कोरोना पर मंत्री-अफसरों के साथ बैठक, इंदौर-भोपाल में मास्क जरूरी

भोपाल
इंदौर और भोपाल में कोरोना के नए केस लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदेश में 294 नए मामले सामने आए। इनमें से इंदौर में सबसे ज्यादा 104 और भोपाल में 76 पॉजिटिव सामने आए हैं। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को समीक्षा बैठक में कहा कि कोरोना के संबंध में लगातार सतर्कता जरूरी है। इंदौर और भोपाल में तत्काल मास्क सभी के लिए लगाने का अनिवार्य किया जाए। कोई भी बिना मास्क के निकलता है, तो कार्रवाई की जाए। दरअसल, यह कोई निर्देश नहीं है, पहले से ही मास्क अनिवार्य है लेकिन सरकार और अफसरों की लापरवाही के कारण ढीलपोल चलती रही।

अब केस बढ़ने पर फिर से पुराने निर्देश याद आ गए। शिवराज ने कहा है कि थोड़ी सी लापरवाही विकराल रूप ले सकती है। महाराष्ट्र से लगे सभी जिलों में आने वाले व्यक्तियों की जांच की जाए।  मुख्यमंत्री चौहान की समीक्षा के बाद अपर मुख्य सचिव गृह राजेश राजौरा ने 12 जिलों भोपाल, इंदौर, बैतूल, होशंगाबाद, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, बड़वानी, खण्डवा, खरगोन, बुरहानपुर और अलीराजपुर के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि 24 घण्टे में क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक बुलाकर कोरोना के बारे में निर्णय लें। महाराष्ट्र की सीमा से लगे इन जिलों में अगले माह लगने वाले मेले में हजारों लोग महाराष्ट्र से आते हैं, इसलिए सबका आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जाए और मास्क व दो गज की दूरी का पालन अनिवार्य रूप से कराया जाए।

21 फरवरी को जारी रिपोर्ट में 4 लोगों की कोरोना से मौत की पुष्टि हुई थी। हालांकि बीते 24 घंटे में राहत की बात रही कि एक भी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई। प्रदेश में अब 2104 एक्टिव मरीज हैं। इसमें सबसे ज्यादा इंदौर में 660 और भोपाल में 495 है। इसके अलावा जबलपुर में भी 125 सक्रिय मरीज हैं। भिंड, छतरपुर, धार, मंदसौर, निवाड़ी और मुरैना में एक भी कोरोना मरीज नहीं है।