चिकित्सा विभाग में भर्तियों का सबसे ज्यादा फायदा जनजाति एवं रेगिस्तानी क्षेत्रों को मिला: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री 

चिकित्सा विभाग में भर्तियों का सबसे ज्यादा फायदा जनजाति एवं रेगिस्तानी क्षेत्रों को मिला: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री 

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह ने गुरूवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार द्वारा नर्सिंग स्टाफ सहित 25 हजार विभिन्न अराजपत्रित पदों पर भर्तियां की गई हैं। पोर्टल के माध्यम से अधिक रिक्तियों वाले क्षेत्रों में नियुक्तियां दी गई हैं। सिंह ने कहा कि इसका सबसे अधिक लाभ जनजाति और रेगीस्तानी इलाकों को मिला है, जहां सबसे ज्यादा रिक्त पद भरे गए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग में 25 हजार और भर्तियां की जा रही हैं। उनमें भी इन क्षेत्रों का ध्यान रखा जाएगा। 

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक जयकृष्ण पटेल द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र बागीदौरा में कुल 117 उप केन्द्र संचालित हैं तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की संख्या 14 हैं। इसी प्रकार 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हैं तथा 2 उप जिला चिकित्सालय संचालित हैं। उन्होंने बताया कि इन चिकित्सालयों में कुल 438 अराजपत्रित पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 303 भरे हुए हैं तथा 135 रिक्त हैं। इसी प्रकार चिकित्सकों के 50 पदों में से 30 पद भरे हुए हैं तथा 20 रिक्त हैं। 

उन्होंने आश्वस्त किया कि बागीदौरा में चिकित्सा अधिकारियों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले सदस्य पटेल के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने विधान सभा क्षेत्र बागीदौरा में वर्ष 2021 से 2025 तक विभाग में आयोजित समीक्षा बैठकों में लिये गये निर्णय एवं उनकी पालना की वर्तमान स्थिति का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र बागीदौरा में संचालित चिकित्‍सा संस्‍थानों में राजपत्रित एवं अराजपत्रित संवर्ग के स्‍वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों का विवरण भी सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि रिक्‍त पदों को सीधी भर्ती अथवा पदोन्‍नति से भविष्‍य में भरा जा सकेगा।

सिंह ने विधान सभा क्षेत्र बागीदौरा में चिकित्‍सा संस्‍थानों में सुविधाओं हेतु स्‍वीकृत, व्‍यय राशि एवं अपूर्ण कार्यों का विवरण तथा यहां चिकित्‍सा संस्‍थानों में विगत पांच वर्षों में प्राप्‍त शिकायतों पर की गई कार्यवाही का विवरण सदन के पटल पर रखा।