हस्तशिल्पियों को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसर दे रही राज्य सरकार:- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
हस्तशिल्प उद्योग ने ग्रामीणों का किया सशक्तीकरण
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की 8 करोड़ जनता का कल्याण सर्वोपरि है तथा प्रदेशवासियों की सेवा की प्राथमिकता के साथ हमारी सरकार नई-नई नीतियां एवं योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने कहा कि हमने संकल्प पत्र में जो वादे किए थे, हमारी सरकार आने पर उसमें से 70 प्रतिशत वादों को पूरा किया जा चुका है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुंचाएं।
शर्मा शुक्रवार को जोधपुर में पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव-2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती राष्ट्रप्रथम की विचारधारा एवं लोकसेवा की भावना के साथ कार्य कर रही है। संस्थान द्वारा आयोजित इस उत्सव से पश्चिम राजस्थान का क्षेत्र हस्तशिल्प उद्योग का वैश्विक केन्द्र बन सकेगा।
हस्तशिल्पियों ने परंपरा और पहचान का किया संरक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि हस्तशिल्प उद्योग ग्रामीण भारत के सशक्तीकरण का माध्यम है तथा इन्होंने परंपरा और पहचान का संरक्षण किया है। यह श्रमिकों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के स्वावलंबन का माध्यम भी बना है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने हस्तशिल्पियों के कल्याण को सर्वाेपरि माना है तथा उन्हें कौशल प्रशिक्षण देते हुए नए मार्केट लिंकेज दिए जा रहें हैं जिससे वे अपने उत्पादों को उचित दाम पर बेच सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने हस्तशिल्पियों को सहायता देने के लिए 1,197 दस्तकारों को परिचय पत्र जारी किए हैं। राज्य सरकार द्वारा बुनकर पुरस्कार योजना, बाजार सहायता योजना एवं चर्म प्रशिक्षण योजना से विभिन्न हस्तशिल्पियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। साथ ही, माटी कला कामगारों को निःशुल्क इलेक्ट्रिक चाक व मिट्टी गूंथने की मशीनें भी दी गई हैं।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत का सपना हो रहा साकार
शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर रहे हैं। राजीविका के माध्यम से महिलाओं को सशक्त किया जा रहा है। अब तक प्रदेश में 19 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी योजना के माध्यम से प्रशिक्षण देकर 12 लाख से ज्यादा लखपति दीदी बनायी गई हैं। साथ ही, अब वे मिलेनियर भी बनने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन कार्यक्रम एवं औद्योगिक प्रोत्साहन शिविरों से रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी तरह पीएम विश्वकर्मा योजना में 21 लाख 73 हजार व्यक्तियों ने ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है। योजना के तहत 54 हजार 202 लाभार्थियों को ऋण स्वीकृत कर लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया गया। कारपेंटर, मूर्तिकार, कुम्हार, राजमिस्त्री सहित 18 ट्रेड्स के दस्तकारों को 5 प्रतिशत ब्याज पर ऋण के साथ 2 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान दिया जा रहा है।
अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए 28 नवीन नीतियां जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गत वर्ष आयोजित हुए राइजिंग राजस्थान में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए। जिसमें से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हम युवाओं को 5 साल में सरकारी क्षेत्र में 4 लाख तथा निजी क्षेत्र में 6 लाख रोजगार के अवसरों का सृजन करने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं। अब तक 92 हजार पदों पर सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। 1 लाख 53 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। साथ ही, निजी क्षेत्र में 2.50 लाख से अधिक रोजगार के अवसर दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए हमने 28 नवीन नीतियां जारी की हैं।
एमएसएमई क्षेत्र में हुए उल्लेखनीय कार्य
शर्मा ने कहा कि उद्योगों को प्रोत्साहन के लिए राज उद्योग मित्र पोर्टल पर 3,266 एमएसएमई उद्यमों को प्राप्ति प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। साथ ही, राजस्थान एमएसएमई नीति- 2024 को 8 दिसम्बर, 2024 को अधिसूचित किया गया। मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के 7 हजार 186 आवेदकों को 1946.84 करोड़ रुपये ऋण वितरण और 436.82 करोड़ रुपये का ब्याज अनुदान दिया गया। उन्होंने कहा कि रीको द्वारा 31 औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए 2,862 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। जोधपुर के बोरानाड़ा विस्तार क्षेत्र में 161.75 एकड़ पर हैंडीक्राफ्ट और फर्नीचर पार्क विकसित किया गया तथा चित्तौड़गढ़ और बीकानेर में दो प्रमुख सिरेमिक जोन विकसित किए जा रहे हैं।
प्रदेश में बन रहा उद्योगपरक वातावरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना को अक्टूबर, 2024 को अधिसूचित किया गया तथा विभिन्न प्रकरणों में स्टाम्प ड्यूटी व भूमि रूपांतरण से संबंधित पात्रता प्रमाण-पत्र जारी किए गए। युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना में ब्याज पुनर्भरण हेतु ऋण सीमा बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की गई तथा राजस्थान वित्त निगम द्वारा 332 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए। उन्होंने कहा कि राज्य में निर्यात को 1.50 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने के लिए राजस्थान एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी अधिसूचित की गई। एक जिला-एक उत्पाद पहल के तहत राजस्थान ओडीओपी नीति तथा राजस्थान लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 को फरवरी, 2025 को लागू किया गया।
शर्मा ने कहा कि हमने राज्य के विकास का रोडमैप बनाकर कार्य किया है। पानी-बिजली की प्राथमिकता को सर्वोपरि रखते हुए इस क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। गत सरकार के समय युवाओं के सपनों पर कुठाराघात हुआ था तथा पेपरलीक के अनेक प्रकरण हुए। हमारी सरकार के दो साल के कार्यकाल में 296 पेपर हुए तथा एक भी पेपरलीक नहीं हुआ। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करें, राज्य सरकार आपके साथ खड़ी है।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 2030 तक 350 बिलियन डॉलर बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रहे हैं। सरकार की उद्योगपरक नीतियां एवं दूरदर्शी निर्णयों से प्रदेश में औद्योगिक परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव आया है। इस अवसर पर उद्योग राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश के उद्योग जगत में नई ऊर्जा का संचार हो रहा है। उनके मार्गदर्शन में छोटे एवं बड़े उद्योगों को निरंतर प्रोत्साहन मिल रहा है तथा विशेष रूप से महिला उद्यमियों के उत्थान एवं सशक्तीकरण हेतु प्रभावी योजनाएं, नीतियां एवं नवाचार लागू किए गए हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने लघु उद्योग भारती स्मारिका का विमोचन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पंच गौरव प्रदर्शनी का अवलोकन किया। शर्मा ने दिव्यांग स्कूटी वितरण योजना के तहत स्कूटी वितरित की तथा एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अमृता देवी राज्य जीव जन्तु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह विश्नोई, सांसद राजेन्द्र गहलोत, विधायकगण देवेन्द्र जोशी, अतुल भंसाली व अर्जुन लाल गर्ग, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र गुप्ता सहित विभिन्न जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
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