खूबसूरत यादों और सुनहरे पलों के साथ विदा हुआ राजीविका दिवाली मेला-2026

खूबसूरत यादों और सुनहरे पलों के साथ विदा हुआ राजीविका दिवाली मेला-2026

राजस्थानी थाली और पारंपरिक जायकों ने जीता आगंतुकों का दिल, पपेट शो ने बटोरी तालियां

कोटा डोरिया, मोडाल सिल्क, ब्लू-ब्लैक पॉटरी सहित पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद रहे खास आकर्षण

जयपुर। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) की ओर से इंदिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान (आईजीपीआरएस) परिसर में आयोजित आठ दिवसीय राजीविका दिवाली मेला-2026 यादगार पलों के साथ संपन्न हुआ। मेले के आठों दिन ग्रामीण महिला उद्यमियों के हुनर, मेहनत और उद्यमशीलता को आगंतुकों का भरपूर प्यार मिला। अंतिम दिन भी खरीदारों और फूड लवर्स की भारी भीड़ उमड़ी और लोगों ने जमकर खरीदारी के साथ राजस्थानी व्यंजनों का लुत्फ उठाया।

प्रतिभागियों को किया सम्मानित

मेले में राजीविका की परियाेजना निदेशक (प्रशासन) श्रीमती प्रीति सिंह ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने बिक्री और प्रदर्शन के आधार पर टॉप 3 दीदियों को अवार्ड देकर उनका हौसला बढ़ाया। 

रोशनी में नहाया मेला परिसर

रात की रोशनी में जगमगाता मेला परिसर आकर्षण का केंद्र बना रहा। मेले में 100 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिला उद्यमियों ने अपने उत्पादों के माध्यम से ग्रामीण राजस्थान की कला, संस्कृति और पारंपरिक हुनर को प्रदर्शित किया। हस्तनिर्मित अचार-पापड़, पारंपरिक खाद्य सामग्री, लेदर की जूतियां, सजावटी वस्तुएं और घरेलू उपयोग के उत्पादों को खरीदारों ने खूब पसंद किया। फूड स्टॉल्स पर राजस्थानी थाली सहित विभिन्न पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय जायकों का स्वाद लेने के लिए भी लोगों की भीड़ लगी रही।

कोटा डोरिया और मोडाल सिल्क की रही खास मांग

मेले में राजस्थान की विश्वविख्यात कोटा डोरिया साड़ियों और परिधानों ने विशेष आकर्षण बटोरा। अजरख प्रिंट, मोडाल सिल्क और बगरू प्रिंट के कपड़ों को भी आगंतुकों ने खूब पसंद किया। वहीं, पारंपरिक बंधेज की साड़ियों और सूट की भी अच्छी मांग रही। इन उत्पादों के माध्यम से महिला उद्यमियों ने राजस्थान की समृद्ध वस्त्र परंपरा और हस्तशिल्प कला को नई पहचान दी।

टेराकोटा, ब्लू और ब्लैक पॉटरी ने खींचा ध्यान

दीपावली सजावटी सामग्री के साथ टेराकोटा, मीनाकारी और कशीदाकारी के हस्तनिर्मित उत्पाद भी खरीदारों की पसंद बने। जयपुर की प्रसिद्ध ब्लू पॉटरी और सवाई माधोपुर की विशिष्ट ब्लैक पॉटरी ने अपनी अनूठी कलाकारी और आकर्षक डिजाइन से आगंतुकों का ध्यान खींचा। पारंपरिक हस्तशिल्प के साथ घर की सजावट और दैनिक उपयोग से जुड़े उत्पादों की भी अच्छी बिक्री हुई।

पपेट शो ने बांधा समां, संस्कृति और परंपरा से जुड़े आगंतुक

मेले के दौरान आयोजित पपेट शो ने बच्चों से लेकर बड़ों तक का मनोरंजन किया और दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। पारंपरिक कला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मेले के माहौल को और जीवंत बनाया। आठ दिनों तक चले इस आयोजन ने न केवल ग्रामीण महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का मंच दिया, बल्कि उन्हें सीधे ग्राहकों से जुड़ने और अपने हुनर को व्यापक पहचान दिलाने का अवसर भी प्रदान किया।