चंबल में अवैध रेत खनन और जोजरी नदी के प्रदूषण पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से मुख्य सचिव की चर्चा
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के प्रयासों के क्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इंदिरा पर्यावरण भवन में हुई मुलाकात के दौरान मुख्य सचिव ने केंद्रीय मंत्री को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। बैठक में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन की रोकथाम और जोजरी नदी में प्रदूषण की समस्या पर चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना में चंबल अभयारण्य के 40 संवेदनशील स्थानों पर 200 बॉर्डर होमगार्ड तैनात किए गए हैं तथा निगरानी के लिए कुल 65 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। जनवरी 2025 से जून 2026 के दौरान अवैध रेत खनन एवं परिवहन के मामलों में 536 प्राथमिकी दर्ज की गईं और 541 वाहन जब्त किए गए। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय समिति द्वारा संबंधित विभागों की कार्रवाई की नियमित समीक्षा की जा रही है।
बैठक में जोजरी नदी तथा लूणी एवं बांडी नदी प्रणाली में औद्योगिक प्रदूषण की रोकथाम पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्य सचिव ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप जोधपुर में साझा अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र और उससे जुड़ी 306 वस्त्र उद्योग इकाइयों का संचालन बंद है। संयंत्र को शून्य तरल उत्सर्जन प्रणाली के अनुरूप उन्नत करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने बताया कि जोजरी, बांडी एवं लूणी नदी प्रणाली में प्रदूषण के स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार ने व्यापक कार्ययोजना का संशोधित मसौदा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति को प्रस्तुत किया है। बैठक में दोनों नदी प्रणालियों के संरक्षण और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की प्रभावी अनुपालना के लिए समन्वय मजबूत करने पर चर्चा हुई।
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