झोलाछाप डॉक्टरों ने प्रवेश लेने हिंदी विवि में कराया पंजीयन

झोलाछाप डॉक्टरों ने प्रवेश लेने हिंदी विवि में कराया पंजीयन

भोपाल
अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय प्रदेशभर में भारतीय प्राथमिक चिकित्सा परिषद (फर्स्ट एड काउंसिल आॅफ इंडिया) में अध्ययन और सूचना केंद्र खोल रहा है। इसमें अध्ययन कराने वाले विद्यार्थी जरूरत होने पर सिर्फ अपना और अपने परिवार की देखभाल कर सकते हैं, लेकिन वे पर्सनल क्लीनिक खोलकर उपचार नहीं कर सकते हैं। वे ऐसा करते हैं, तो उन्हें जेल तक जाना पड़ सकता है।

मध्यप्रदेश शासन झोलाछाप डॉक्टरों पर छापामार की कार्रवाई कर उनके क्लीनिक बंद करा रही है। उनके खिलाफ मेडिकल प्रैक्टिस नियमों के उल्लंघन पर एफआईआर दर्ज कर जेल तक भेजा जा रहा है। ऐसे झोलाछाप डॉक्टर को हिंदी विवि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोजगार एवं स्वरोजगार का सपना दिखाकर एक वर्षीय प्राथमिक चिकित्सा विशेषज्ञ डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश करा रहा है।

प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों ने प्रवेश लेने पंजीयन शुरू कर दिए हैं। नेशनल मेडिकल कमीशन ने स्वीकृति नहीं दी है। कुलपति डॉ. रामदेव भारद्वाज ने कहा कि कमीशन ने ऐसे कोर्स के लिए स्वीकृति देना जरूरी नहीं समझा है। उन्होंने सूबे में 50 से ज्यादा केंद्र खोल दिए गए हैं। विवि ने प्रवेश कराने विज्ञापन जारी कर नीम, हकीम, अप्रशिक्षित झोलछाप सहित 12 पास सहित अस्पतालों में कार्यरत अयोग्य व्यक्ति डिप्लोमा में प्रवेश लेने कर सकते हैं।

कोर्स के लिए राज्य शासन द्वारा राजपत्र जारी किया गया है। सवाल यह उठ रहे हैं कि किसी प्राइवेट संस्थान के लिए राज्य शासन राजपत्र कैसे जारी कर सकता है। क्योंकि भारतीय प्राथमिक चिकित्सा परिषद (फर्स्ट ऐड काउंसिल आॅफ इंडिया) निजी व्यक्तियों का समूह है। कोर्स को राजपत्र में प्रकाशित कराने वाले तत्कालीन रजिस्ट्रार विजय सिंह विश्वविद्यालय छोड़ खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह के ओएसडी बन गए हैं।

वहीं, कुलपति भारद्वाज भी कुछ माह में विश्वविद्यालय छोड़ देंगे। कोर्स की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं होगा। वर्तमान में कार्यरत रजिस्ट्रार यशवंत पटेल डिप्लोमा कराने के पक्ष में हैं, लेकिन वे उसे रोजगार से जोड़ने को तैयार नहीं हैं।

बाग उमराओ दुल्हा में पीपुल्स केयर क्लीनिक में एसी मैकेनिक फरहाज खान डॉक्टर बन लोगों का उपचार कर रहे हैं। उनके द्वारा लिखित पर्चे पर पंजीयन नंबर 36813 और क्लीनिक के बोर्ड पर सीएल 1559/नवंबर/2020 दिया है। वे अपने आप को डॉक्टर  पीआर भगत का सहयोगी बताते हैं, जो कभी क्लीनिक नहीं आते हैं। क्लीनिक शाम सात बजे खोला जाता है। क्योंकि दिन में सरकारी मेडिकल अफसरों की नजर नहीं पढ़े। ऐसे ही झोलाछाप डाक्टरों ने हिंदी विवि के कोर्स में प्रवेश लेने के लिए पंजीयन करा लिया है।