स्ट्रीट वेंडर्स का 7% से ज्यादा ब्याज भरेगी प्रदेश सरकार, मध्य प्रदेश बजट में की घोषणा

स्ट्रीट वेंडर्स का 7% से ज्यादा ब्याज भरेगी प्रदेश सरकार, मध्य प्रदेश बजट में की घोषणा

भोपाल
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मंगलवार को प्रदेश का पहला पेपरलेस बजट पेश करते हुए कहा कि वर्ष 2021-22 में 1 लाख 64 हजार 677 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति का अनुमान है। इसमें राज्य करों से 64914 करोड़ और केंद्रीय करों से प्रदेश के हिस्से को मिलने वाली आमदनी का 52247 करोड़ रुपए का बजट अनुमान शामिल है।  

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना के अंतर्गत दस हजार रुपए के बैंक ऋण पर सात प्रतिशत ब्याज का भुगतान भारत सरकार कर रही है। प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि 7 प्रतिशत के ऊपर शेष ब्याज का भुगतान जो हितग्राही द्वारा किया जाना अपेक्षित है, उसका भुगतान अब राज्य सरकार करेगी। इसी तरह मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ व्यवसायी उत्थान योजना के अंतर्गत हितग्राहियों द्वारा देय संपूर्ण ब्याज की राशि का भुगतान राज्य सरकार करेगी।

स्थानीय उत्पादों को अपनाने और बढ़ावा देने के लिए विन्ध्यावैली से वित्त पोषित नवनी इकाइंया जो उपभोक्ता सामग्री का उत्पादन कर रही है उन्हें जोड़ा जाएगा। विन्ध्यावैली ब्रांड को विस्तारित किया जाएगा। प्रदेश के हाथकरघा, हस्तशिल्प, कुटीर एवं परम्परागत ग्रामोधोग के उत्पादों को ई-कामर्स प्लेटफार्म से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

प्रदेश में दो इंजीनियरिंग कॉलेज और पांच पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सेंटर आॅफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। प्रदेश की 10 संभाग स्तर की आईटीआई को मेगा आईटीआई में रूप में संचालित करने के लिए लिए वृहद स्तर पर अधोसंरचनात्मक सुधार किया जाएगा। भोपाल के गोविंदपुरा में स्थित ग्लोबल स्किल्स पार्क में  संचालित हो रहे प्रीसिजन इंजीनियरिंग क्षेत्र में एक वर्ष के कोर्स के जरिए प्रतिवर्ष प्रदेश के आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों से उत्तीर्ण 240 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

रेत खदानों से प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग एक हजार 400 करोड़ का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। गौण खनिज नियमों में संशोधन कर 31 गौण खनिजों के लिए निजी भूमि पर भूमि स्वामी अथवा उसके सहमति धारक को अधिकतम 20 हेक्टेयर क्षेत्र का उत्खनन पट्टा आवेदन के आधार पर स्वीकृत किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सामान्य क्षेत्र के 500 एवं आदिवासी क्षेत्र के 250 से अधिक आबादी वाले गांव जो सड़क मार्ग से नहीं जुड़े हुए हैं। इस योजना के तहत वर्ष 2020-21 में प्रदेश में लगभग दो हजार 92 किलोमीटर सड़क एवं 208 पुलों का निर्माण किया जा रहा है। वहीं वर्ष 2021-22 में लगभग 5 हजार 200 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का निार्मण किये जाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस वर्ष एक हजार किलोमीटर से अधिक ग्रेवल सड़कों का डामरीकरण पूरा कराय जा रहा है। योजना के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में लगभग 800 किलोमीटर सड़क डामरीकरण एवं 250 किलोमीटर दोहरी संपर्कता के नवीन मार्गों के निर्माण का लक्ष्य है।