विधायक आए सामने, 50 हजार रुपए प्रतिदिन भी खर्च करें तो छह माह तक कर सकेंगे मदद
भोपाल
कोरोना के कहर में आक्सीजन, रेमडेसीविर इंजेक्शन की कमी से हो रही मौतों पर विधायकों ने अब विधायक निधि की राशि को स्वेच्छानुदान फंड में कन्वर्ट करने की मांग की है। विधायकों का सुझाव है कि सरकार अगर नियम संशोधित कर दे तो वे अपने फंड का पचास फीसदी से अधिक मरीजों के उपचार के लिए देने को तैयार हैं वहीं कई विधायकों ने विधायक निधि की राशि आक्सीजन, सैनिटाइजर, इंजेक्शन, वेंटिलेटर के लिए देना भी शुरू कर दिया है।
भाजपा विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को टैग कर किए गए ट्वीट में कहा कि मुख्यमंत्री अगर गरीब मरीजों के हित में विधायक स्वेच्छा अनुदान की राशि कोविड भर्ती मरीजों की सीटी स्कैन, रेमडेसीविर इंजेक्शन के लिए अनुशंसित करने का संशोधन नियमों में करें तो एमएलए निधि में मिलने वाले 1 करोड़ 85 लाख में से 1 करोड़ रुपए वे उपचार के लिए देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सीएम चौहान इस निमित्त अनुशंसित करने की अनुमति प्रदान करें। सिसोदिया ने कहा कि यदि हम 50 हजार रुपए रोज भी गरीब मरीजों को अनुशंसित करेंगे तो आने वाले 6 माह तक 1 करोड़ रुपए की राशि आवंटित हो सकती है। हम भर्ती मरीज का पर्चा, सीटी स्कैन और रेमडेसीविर का बिल देख कर ही अनुशंसित करेंगे।
इस मामले में एक हफ्ते पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कहा था कि उन्हें कई विधायकों व सांसदों के सुझाव सांसद विधायक निधि कोरोना के उपचार में खर्च के लिए देने के सुझाव मिले हैं। अभी इस पर विचार हो रहा है। इसके बाद विधायकों ने अपनी ओर से इसके लिए पहल भी शुरू कर दी है।
अब तक जिन विधायकों ने कोरोना के उपचार के लिए विधायक निधि से राशि दी है, उसमें भाजपा के मुकाबले कांग्रेस के नेताओं की संख्या ज्यादा है। भाजपा सांसद महेंद्र सोलंकी ने तीन जिलों को तीस लाख रुपए दिए हैं। वहीं पूर्व मंत्री व विधायक जीतू पटवारी ने इंदौर में अलग-अलग काम के लिए बीस लाख की अनुशंसा की है। इनके साथ ही विधायक पीसी शर्मा ने जेपी अस्पताल के मरीजों के उपचार के लिए दस लाख रुपए देने का पत्र भेजा है। विपिन वानखेड़े ने आगर विधानसभा के मरीजों के लिए पांच लाख रुपए दिए हैं। विधायक सचिन यादव ने भी 15 लाख रुपए दिए हैं।
मरीजों को राहत और उपचार के लिए इनिशियेटिव लेने के मामले में सबसे अधिक चर्चा विधायक संजय शुक्ला की है। शुक्ला पहले रेमडीसिविर इंजेक्शन ब्लैंक चेक लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे थे। इसके बाद आक्सीजन सिलेंडर और जनरेटर की व्यवस्था करा रहे हैं।
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