पुलिस को स्मार्ट बनाने की योजना में हो रही देरी, बॉडी वॉर्न कैमरे सिर्फ 500 खरीदे

पुलिस को स्मार्ट बनाने की योजना में हो रही देरी, बॉडी वॉर्न कैमरे सिर्फ 500 खरीदे

भोपाल
प्रदेश की पुलिस को बॉडी वॉर्न कैमरे जितने खरीदने से उससे महज 5 फीसदी ही ये कैमरे खरीदे जा सके। मुख्यालय को 12 हजार कैमरे खरीदने थे लेकिन महज 500 ही कैमरे खरीदे गए। कुछ जिलों में डिस्प्ले रूम भी पूरी तरह से तैयार नहीं हो सके हैं। इसलिए भी इस योजना की रफ्तार धीमी को गई है।

प्रदेश की पुलिस को स्मार्ट बनाने के लिए बॉडी वॉर्न कैमरे पुलिस अधिकारियों और जवानों के कंधे या सीने पर लगाने की योजना थी। इस योजना का उद्देश्य यह था कि पुलिस अधिकारी के सामने आने वाले की पूरी रिकॉर्डिंग हो सके। ताकि पुलिस भी अपने सामने आने वाले व्यक्ति से नियंत्रित व्यवहार कर सके और यदि सामने वाले का व्यवहार गलत है तो पुलिस अपने अफसर या जवान के साथ मजबूती से खड़ी रहे। वहीं इस कैमरे की रिकॉर्डिंग पुलिस कार्रवाई, साक्ष्य व बयान के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए वैसे तो प्रदेश में लगभग 87 हजार कैमरे खरीदने हैं, लेकिन फिलहाल 12 हजार कैमरे खरीदने की मंजूरी मिली थी। इसमें से भी महज 500 ही कैमरे खरीदे गए। पुलिस मुख्यालय के सूत्रों की मानी जाए तो बाकी के कैमरों को भी जल्द खरीद लिया जाएगा।

खरीदे गए कैमरो में लगा लैंस 360 डिग्री पर घूम जाता है। इन कैमरों में जीपीएस और जीपीआरएस भी मौजूद हैं। ये दोनों सिस्टम कैमरों को पुलिस कंट्रोल रूम से भी जोड़े रखने में सहायक होंगे।