आग पर काबू पाने पहुंची फायर ब्रिगेड में नहीं था पानी

आग पर काबू पाने पहुंची फायर ब्रिगेड में नहीं था पानी

रायसेन
 प्रशासन कितना हास्यास्पद और दयनीय काम करता है इसका अंदाजा आपको ये खबर पढ़कर होगा. रविवार देर रात एक व्यापारी के दुकान और मकान आग में स्वाहा हो रहे थे, लोगों के बीच हाहाकार मचा हुआ था. लोगों को कुछ सूझ नहीं रहा था और उन्होंने फायरब्रिगेड बुलाने की सोची. फायरब्रिगेड तो आई, लेकिन आपको आश्चर्य होगा पढ़कर कि देर से आई फायरब्रिगेड में पानी ही नहीं था. जितना था वो महज 1 मिनट में खत्म हो गया और लोगों ने स्थानीट टैंकर बुलाकर जैसे-तैसे आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब-कुछ स्वाहा हो चुका था और 70 लाख का नुकसान हो गया.

जानकारी के मुताबिक, रायसेन जिले के कस्बा देवरी में अनुज बरसैया का बॉम्बे महिमा नाम से कपड़े का शोरूम है. इस शो रूम के ऊपर गोडाउन और उसके ऊपर बरसैया का मकान है. घर के बाकी सदस्य बाहर गए थे तो अनुज ने खुद दूध को गैस पर चढ़ा दिया. हालांकि, अनुज दूध को भूल गए और घर से बाहर चले गए. इस दौरान दुकान और गोडाउन पर ताला लगा हुआ था.

आग ने सबकुछ चपेट में ले लिया

 

इसके बाद पता नहीं क्या हुआ कि सिलेंडर ब्लास्ट हुआ और आग लग गई. ये आग पहले गोडाउन और फिर दुकान तक पहुंची. इस तरह आग ने पूरी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया. सिलेंडर के विस्फोट से छत का एक हिस्सा भी टूट गया. आगजनी की घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे. दोनों शटर बंद होने के कारण बगल की गैलरी से आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन जगह की कमी के कारण संभव नहीं हो पाया.
इस तरह बुझाई गई आग

लोगों ने फायर ब्रिगेड को फोन किया तो वो देर से आई. क्योंकि तहसील मुख्यालय देवरी में इसकी कोई व्यवस्था ही नहीं है. लोगों ने इसके लिए तत्काल उदयपुरा फोन किया, लेकिन वहां से भी फायर ब्रिगेड बहुत देर से पहुंची. उसमें भी पानी नहीं था. एक मिनट पानी फेंकने के बाद फायर ब्रिगेड बंद हो गई. ऐसे में लोगों ने स्थानीय स्तर पर टैंकरों से पानी का इंतजाम किया. तब आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दुकान, गोडाउन और मकान पूरी तरह जल चुके थे.