अस्पतालों के साथ कोविड केयर सेंटर पर आक्सीजन सप्लाई पर सीएम का फोकस, 50% सब्सिडी
भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना मरीजों के लिए आक्सीजन संकट के समाधान के लिए जुटे हैं। अस्पतालों में आक्सीजन की उपलब्धता के साथ बीना रिफायनरी द्वारा बनाए जा रहे अस्पताल के साथ अब अन्य कोविड केयर सेंटर्स पर यथासंभव आक्सीजन की उपलब्धता की तैयारी के निर्देश सीएम चौहान ने दिए हैं। उन्होंने गुरुवार को बीना रिफायनरी द्वारा बनाए जा रहे अस्पताल के निर्माण की समीक्षा की। इसके बाद वे जिलों में कोरोना संक्रमण की स्थिति और आक्सीजन संकट खत्म करने के लिए कलेक्टरों के दूसरे नवाचारों के बारे में जानकारी लेने वाले हैं।
राज्य सरकार ने यह भी तय किया है कि प्रदेश में कम से कम एक करोड़ की लागत से आक्सीजन प्लांट लगाने वाले निजी निवेशकों को सरकार 50 प्रतिशत अनुदान देगी। इसकी अधिकतम सीमा 75 करोड़ तक होगी। साथ ही बिजली पर भी एक रुपए यूनिट की छूट दी जाएगी। इन प्रस्तावों को कैबिनेट की अगली बैठक में मंजूरी दिए जाने की तैयारी है। सीएम चौहान ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा यहां बिजली सप्लाई के लिए विद्युत सब स्टेशन का निर्माण, विद्युत आपूर्ति के बैकअप के रूप में रिफानरी की विद्युत व्यवस्था को सपोर्ट सिस्टम के बारे में जानकारी ली।
बीना रिफायनरी के बेतवा जलस्रोत से ही पेयजल आपूर्ति, कनेक्टिविटी के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर की सड़क का निर्माण, चिकित्सालय की भोजन, जलपान आदि व्यवस्था के बारे में अपडेट लिया। मुख्यमंत्री चौहान ने प्लांट से रोगी तक आॅक्सीजन वितरण के निर्देश दिए थे। यहां प्लांट से आॅक्सीजन पाइप लाइन द्वारा चिकित्सालय तक जाएगी। प्लांट में 90 टन क्षमता के दो आॅक्सीजन प्लांट उपलब्ध हैं। इनका ट्रायल रन शुरू हो गया है।
मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस द्वारा बनाई गई कमेटी में जिन तीन अफसरों को शामिल किया गया है, उनमें प्रमुख सचिव लोक निर्माण नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन संजय कुमार शुक्ला और स्वास्थ्य आयुक्त आकाश त्रिपाठी शामिल हैं। ये अफसर दो दिन में बीना के पास चक्क आगासौद में बन रहे 1000 बेड के अस्थायी अस्पताल की प्रोजेक्ट रिपोर्ट, स्टीमेट और मंत्रिपरिषद की संक्षेपिका एसीएस स्वास्थ्य को सौंपेंगे।
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