शौचालय की राशि जारी करने घूस लेते महिला अधिकारी पकड़ाई

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kamlesh pandey
छतरपुर। खुले में शौच मुक्त भारत के निर्माण के लिए मोदी सरकार प्रत्येक परिवार को शौचालय बनाने के लिए अनुदान देती है। लगभग 12000 रूपए के इस अनुदान पर भी भ्रष्टाचारियों की नियत डोल जाती है। छतरपुर जनपद में पदस्थ विकासखण्ड समन्वयक नीलम तिवारी ने भी ऐसा ही किया। उन्होंने ग्राम पंचायत धौरी में निर्मित हुए 13 शौचालयों की राशि जारी करने के लिए रोजगार सहायक  से प्रति शौचालय 500 रूपए की रिश्वत मांगी। रिश्वत देकर परेशान हो चुके रोजगार सहायक ने आखिरकार मेडम को लोकायुक्त पुलिस से रंगे हाथों पकड़वा दिया।

मंगलवार को लोकायुक्त सागर की टीम ने डीएसपी राजेश खेेड़े के नेतृत्व में कलेक्टे्रट के सामने स्थित जनपद कार्यालय में पदस्थ विकासखण्ड समन्वयक नीलम तिवारी को 5500 रूपए की रिश्वत देते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। लोकायुक्त की यह कार्यवाही ग्राम पंचायत धौरी में पदस्थ रोजगार सहायक जीतेन्द्र सिंह की शिकायत पर की गई थी। जीतेन्द्र सिंह ने मीडिया को बताया कि मेडम उससे हर शौचालय की राशि जारी करने के लिए पहले एक हजार रूपए की रिश्वत मांग रही थीं जब उसने मना किया तो उन्होंने पांच सौ रूपए प्रति शौचालय देने के लिए दबाव बनाया अन्यथा राशि जारी करने से मना कर दिया। जीतेन्द्र ङ्क्षसह ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त सागर से की और लोकायुक्त के इशारे पर ही कुछ दिन पहले मेडम को एक हजार रूपए की रिश्वत दी एवं शेष राशि 5500 रूपए मंगलवार को देने के लिए तय हुआ। मंगलवार को जैसे ही नीलम तिवारी कार्यालय में पहुंची कुछ देर बाद लोकायुक्त के तयशुदा कार्यक्रम के तहत 5500 रूपए लेकर जीतेन्द्र सिंह भी कार्यालय पहुंच गया और नीलम तिवारी को दे दिए। थोड़ी ही देर में लोकायुक्त की टीम उनके कक्ष में घुस आयी और रूपयों सहित नीलम तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्यवाही के दौरान निरीक्षक मंजू सिंह, आरक्षक आशुतोष व्यास, सुरेन्द्र सिंह, विक्रम सिंह, अजय क्षत्रिय, संतोष गोस्वामी भी मौजूद रहे

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