विराट कोहली के लिए खास तैयारी, टेंशन की जरूरत नहीं: मार्कस स्टॉयनिस

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सिडनी, ऑस्ट्रेलिया के हरफनमौला खिलाड़ी मार्कस स्टॉयनिस ने कहा कि विराट कोहली मैदान में हर बार अपना शत-प्रतिशत देते हैं और उनकी टीम भारतीय कप्तान की चुनौती से निपटने के लिए उसी अंदाज में तैयारी कर रही है। कोहली हालांकि सीमित ओवरों के छह मुकाबले और एडिलेड मे खेले जाने वाले शुरुआती टेस्ट मैच के बाद पितृत्व अवकाश पर भारत वापस लौट जाएगें। स्टॉयनिस ने कहा, ‘विराट की चिंता मत करिए। वह हर मैच में अपना सब कुछ देते है। शायद अतिरिक्त प्रेरणा होगी, लेकिन मुझे नहीं लगता कि 110 प्रतिशत से अधिक कोई अतिरिक्त प्रेरणा होती है।’ उन्होंने कहा, ‘देखते हैं। मुझे यकीन है कि वह (कोहली) जाने (भारत) के लिए तैयार होंगे। वह अपने बच्चे के जन्म के लिए घर जा रहे है, जो मेरी राय में सही फैसला है। इसलिए मुझे यकीन है कि वह अतिरिक्त प्रेरित होंगे।’ स्टॉयनिस ने कहा कि कोच जस्टिन लैंगर और उनकी टीम के पास सफेद गेंद के क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक में शामिल भारतीय कप्तान का मुकाबला करने के लिए पूर्ण रणनीति होगी। उन्होंने कहा, ‘निश्चित रूप से हमें हमारी रणनीतियों के बारे में पता है। हम ऐसी योजना पर अतीत में काम कर चुके हैं, और कई बार योजना सफल नहीं रही और वह रन बनाने में कामयाब रहे।’ बॉर्डर-गावसकर ट्रोफी के तहत भारत और ऑस्ट्रेलियाई टीम जब मैदान पर उतरेगी तो कई रेकॉर्ड निशाने पर होंगे। उनमें सबसे खास है टेस्ट सीरीज में सबसे अधिक शतक का। यह रेकॉर्ड फिलहाल भारत के सचिन तेंडुलकर के नाम है। उनके नाम सबसे अधिक 9 शतक हैं। मौजूदा खिलाड़ियों की बात करें तो भारतीय कप्तान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलियाई पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ (7-7 शतक) सबसे करीब हैं। हालांकि, कोहली के पास सिर्फ बराबरी का मौका होगा, क्योंकि वह सिर्फ एक टेस्ट ही खेलेंगे।

विराट कोहली और स्टीव स्मिथ 7-7 शतकों के साथ माइकल क्लार्क के संग संयुक्त रूप से तीसरे नंबर पर हैं। विराट कोहली जहां सीरीज में सिर्फ एक मैच ही खेलेंगे तो दूसरी ओर स्टीव स्मिथ पूरी सीरीज में मौजूद रहेंगे। ऐसे में विराट अगर दोनों पारियों में शतक जड़ते हैं तो सचिन की बराबरी करेंगे। जबकि स्मिथ के पास बराबरी और रेकॉर्ड को पीछे छोड़ने के लिए अधिक मौके मिलेंगे। यह पूरी तरह साफ है कि विराट के पास सचिन का रेकॉर्ड तोड़ने का मौका नहीं होगा। बॉर्डर गावसकर ट्रोफी में विराट ने 19 मैचो की 34 पारियों में 1604 रन बनाते हुए 7 शतक लगाए हैं, जबकि स्मिथ ने महज 10 मैचों की 20 पारियों में ही उतने शतक ठोके हैं। उनके नाम 1429 रन दर्ज हैं। मास्टर सचिन तेंडुलकर के रेकॉर्ड की बात करें तो उन्होंने 34 मैचों की 65 पारियों में 3262 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके नाम 9 शतक और 18 अर्धशतक दर्ज हैं। उनके ही नाम सबसे अधिक रन, सबसे अधिक शतक और सबसे अधिक अर्धशतकों का रेकॉर्ड दर्ज है।

शतकों मामले में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग का नंबर सचिन के बाद आता है। उन्होंने 29 मैचों की 51 पारियों में 4 बार नॉट आउट रहते हुए 2555 रन बनाए हैं। उनके नाम 8 शतक और 12 अर्धशतक दर्ज हैं। वह रन और शतक बनाने के मामले में दूसरे नंबर हैं। इंडियन प्रीमियर लीग में बीते सत्र में 352 रन बनाने के साथ 13 विकेट लेने वाले इस हरफनमौला ने कहा कि वह 27 नवंबर से भारत के खिलाफ शुरू हो रही सीमित ओवरों की सीरीज में इस प्रदर्शन को दोहराना चाहेंगे। उन्होंने कहा, ‘उम्मीद है मैं उस (आईपीएल) लय को बरकरार रखूंगा, चीजें ज्यादा नहीं बदली है।’ दिल्ली कैपिटल्स के इस खिलाड़ी ने कहा कि कोच के तौर रिकी पॉन्टिंग का उनकी आईपीएल टीम में होना फायदेमंद रहा।