मेरे किसानों, महिलाओं और नौजवानों के साथ गददारी करने वाली सरकार को धूल चटाएगा सिंधिया: ज्योतिरादित्य

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छर्च में भाजपा प्रत्याशी सुरेश धाकड़ के समर्थन में स्टार प्रचारक ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ली आमसभा

कहा-आपके एक-एक वोट से एक विधायक नहीं, बल्कि तीन-तीन विधायक बनेंगे और मुफ्त में ज्योतिरादित्य सिंधिया मिलेंगे

khemraj mourya
शिवपुरी। किसानों के साथ गद्दारी की, कहा था कि 10 वे दिन तक किसान का ऋण माफ करेंगे, लेकिन 10 महीने तक माफ नहीं किया। जिस सरकार ने महिलाओं के साथ गद्दारी की कमलनाथ और दिग्विजय सिंह जी ने, जब कहा था कि बच्चियों को 51 हजार रुपए देंगे, लेकिन एक भी बच्ची को नहीं मिले। मेरे नौजवानों के साथ गद्दारी की, चार हजार रुपया बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा, लेकिन एक भी नौजवान को भत्ता नहीं दिया गया। जो गद्दारी करेगा मेरे किसानों के साथ, मेरी महिलाओं के साथ, मेरे नौजवानों के साथ, उस सरकार को धूल चटाने का काम ज्योतिरादित्य सिंधिया करेगा, उक्त बात भाजपा प्रत्याशी सुरेश धाकड़ राठखेड़ा के समर्थन में पोहरी विधानसभा के छर्च में आयोजित विशाल जनसभा में भाजपा के स्टार प्रचारक राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कही।

मैं सिंधिया परिवार का मुखिया होने के नाते आपके सामने हाथ जोड़कर नतमस्तक हूं। आप अपना आशीर्वाद सुरेश को प्रदान करना, यह आप समझना कि आप अपना आशीर्वाद शिवराज सिंह जी, प्रहलाद भारती जी, नरेन्द्र बिरथरे जी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदान कर रहे हैं। श्री सिंधिया ने कहा कि सुरेश धाकड़ मंत्री नहीं है आपके बीच आपका जनसेवक है। सुरेश धाकड़ की ओर इशारा करते हुए श्री सिंधिया ने कहा कि इन्होंने अपने मुख से कहा कि आपका एक-एक वोट कमल के फूल पर लगेगा उससे एक विधायक नहीं, बल्कि तीन-तीन विधायक बनेंगे। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि इन तीन-तीन विधायक के अलावा मुफ्त में आपको ज्योतिरादित्य सिंधिया मिलेंगे। श्री सिंधिया ने कहा कि यह चुनाव ग्वालियर चंबल संभाग में मान, सम्मान और स्वाभिमान का चुनाव बन गया है। यह केवल सुरेश धाकड़ का चुनाव नहीं है, शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया का चुनाव है। आमसभा में भाजपा प्रत्याशी सुरेश धाकड़ राठखेड़ा के अलावा मंच पर भाजपा के पदाधिकारी सहित हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

जिस छर्च को मैंने बसाया उस एक गांव का बाल बांका नहीं होगा, मैं विश्वास दिलाता हूं
श्री सिंधिया ने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं जो अफवाहें फैलाने में नंबर हैं, जो गायब हो जाते हैं चुनाव के बाद बूथ की तरह जो यह रहे हैं यहां बांध बनेगा, हरे जिस छर्च को मैंने बसाया है, जिस छर्च की सड़क मैंने बनबाई है जिस छर्च के सब स्टेशन, तालाब को मैंने बनाया है। यहां का एक भी गांव का बाल बांका नहीं होगा, यह विश्वास मैं आपको दिलाता हूं।

…भूल गए यह कांग्रेस के लोग यह वही सिंधिया परिवार का खून है
श्री सिंधिया ने अपनी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया का उदाहरण देते हुए कहा कि जब डीपी मिश्रा जी की सरकार ने जनविरोधी नीति अपनाई और मेरी दादी को ललकारा था तब मेरी दादी ने सड़क पर उतरकर डीपी मिश्रा जी को धूल चटाई थी। भूल गए यह कांग्रेस के लोग यह वही सिंधिया परिवार का खून है। यदि भ्रष्टाचार करोगे मेरे मध्यप्रदेश में, जनता की आकांक्षाओं पर खरे नहीं उतरोगे तो धूल चटाने का काम ज्योतिरादित्य सिंधिया करेगा। 15 महीने की वह सरकार जिसके मुख्यमंत्री ने एक बार भी कदम छर्च में नहीं रखा और 5 महीने की शिवराज सिंह जी की सरकार जिसके साथ मिलकर सुरेश और मैंने पोहरी की बड़ी और लंबी मांग थी सरकूला बांध की, 42 गांव तक पानी पहुंचे, के लिए 226 करोड़ रुपए की स्वीकृत करवाई। मैं पूछना चाहता हूं कि यदि कमलनाथ सरकार होती तो क्या यह बांध स्वीकृत तो पाता, क्या छर्च और राठखेड़ा तक पाँच करोड़ का मार्ग स्वीकृत हो पाता, क्या बूड़दा से गहलोनी कुंवरपुर की सड़क 22 करोड़ की स्वीकृत होती ? सामने से जनता की ओर से जबाव आया नहीं।

…जो परदेसी हो वो क्या समझे मेरे किसान, मेरी आदिवासी बहनों, क्षेत्र की जनता का दर्द
श्री सिंधिया ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो परदेसी हो वो क्या समझे मेरे किसानों, मेरी आदिवासी बहनें और क्षेत्र की जनता की दर्द। जब आपके हमारे घरों में शादी होती है तो नया दूल्हा घर वालों से मिलता है कि नहीं मिलता। 15 महीने में मप्र में नया मुख्यमंत्री आया, शिवराज सिंह जी और हम घर की मुर्गी दाल बराबर। क्या एक बार भी पोहरी छोड़ो छर्च कभी आएं। सिर्फ और सिर्फ 15 महीने में वल्लभ भवन में उंगलियों से इशारा करते हुए गिनते रहे (पैसे गिनने का)। जिस मुख्यमंत्री ने वल्लभ भवन को भ्रष्टाचार और व्यापार का अड्डा बनाया है। जिस मुख्यमंत्री ने विकास और प्रगति के एजेंड़े से हटकर भ्रष्टाचार का एजेंड़ा पकड़ा हो और सिंधिया परिवार को ललकारा हो कि सड़क पर उतर जाओ, और सड़क पर उतर गया। जब सिंधिया परिवार को कहा जाता है सड़क पर उतरने तब समूचे ग्वालियर चंबल संभाग को कहा जाता सड़क पर उतरने को।