भोपाल, कोरोना के संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। शुक्रवार को एक दिन में इस साल के सबसे ज्यादा 345 नए मरीज मिले हैं। बढ़ते मरीजों के बीच अस्पतालों में मरीज बिस्तर न होने के कारण परेशान हो रहे हैं। सरकार द्वारा तैयार कराया गया सार्थक लाइट एप बीते दो सप्ताह से ठप है।
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तकनीकी खामी के चलते डाउनलोड करने के बाद एप पर सिटीजन लॉगिन ही नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण मरीजों को ये पता नहीं चल पा रहा है कि किस अस्पताल में कितने बिस्तर खाली हैं और कितने भरे हैं। मरीज भर्ती होने के लिए भटक रहे हैं।
हमीदिया अस्पताल में निर्माणाधीन दो हजार बिस्तरों के अस्पताल का काम पूरा होने के लिए तारीख पर तारीख बढ़ाई जा रही हैं, लेकिन काम अब तक पूरा नहीं हो पाया। हालात ये हैं कंस्ट्रक्शन वर्क पूरा न होने के कारण कोविड पेशेंट्स के लिए मेडिसिन के पेशेंट्स को दूसरे विभागों में और पल्मोनरी मेडिसिन डिपार्टमेंट के मरीजों को टीबी अस्पताल में भेजा जा रहा है। इस कारण हमीदिया अस्पताल में उहापोह की स्थिति बनी हुई है। कल रविवार तक इन दोनों विभागों से मरीजों को शिफ्ट करके वार्ड खाली कराए जाने हैं।
राजधानी के अस्पतालों में मरीजों के लिए अस्पतालों में जगह कम पड़ रही है। हमीदिया अस्पताल में सबसे अहम मेडिसिन डिपार्टमेंट में भर्ती मरीजों को दूसरे जगह शिफ्ट करके कोविड पेशेंट्स के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। उधर प्रायवेट डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में मरीजों से जमकर पैसे लिए जा रहे हैं। एम्स में सिर्फ गंभीर कोरोना मरीजों को ही एडमिट किया जा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि मरीजों को कहां भर्ती किया जाएगा।