शुद्ध दूध के साथ कड़कनाथ का मांस खिलाएगी कमलनाथ सरकार

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भोपाल। प्रदेश की कांग्रेस सरकार एक बार फिर विवादों में फंसती नजर आ रही है। इसकी वजह है सरकार द्वारा एक साथ कड़कनाथ के मांस और गाय के शुद्ध दूध की बिक्री। सरकार के इस कदम को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा इसे हिंदू भावना से खिलवाड़ बता रही है।

दरअसल, आदिवासी युवाओं को रोजगार देने और मध्य प्रदेश की जनता को शुद्धता उपलब्ध कराने के मकसद से कमलनाथ सरकार ने अनोखी योजना शुरू की है। कमलनाथ सरकार के अधीन आने वाले पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम ने राजधानी भोपाल में कड़कनाथ चिकन और गाय के दूध का पार्लर खोला है। इस पार्लर में एक तरफ मशहूर कड़कनाथ का चिकन और अंडे मिल रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ गाय का शुद्ध दूध उपलब्ध कराया जा रहा है। इसको लेकर भाजपा ने सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा दी है।

शुद्धता के साथ रोजगार
सरकार का तर्क है कि इस योजना के तहत शुद्धता के साथ रोजगार बढ़ाना हमारा उद्देश्य है। सरकार की योजना है कि उसके अपने फार्म की गायों से दूध बिना किसी मिलावट के उसके असली फ्लेवर के साथ लोगों को उपलब्ध कराया जा सके इसीलिए भोपाल के बुल मदर फार्म की गायों का दूध इस पार्लर के जरिए बेचा जा रहा है। वहीं कुक्कुट विकास निगम आदिवासियों को कड़कनाथ मुर्गों को खिलाने के लिए दाने उपलब्ध करा रहा है और उनसे कड़कनाथ मुर्गा खरीद कर उसका मांस लोगों को उपलब्ध करा रहा है। सरकार का दावा है कि उसके पार्लर से मिलने वाले कड़कनाथ मुर्गे के मांस और गाय के दूध में शुद्धता की पूरी गारंटी है लेकिन भाजपा ने कड़कनाथ का मांस और गाय का दूध एक ही व्यक्ति के द्वारा बेचे जाने पर आपत्ति उठाई है।
दोनों पार्लरअलग-अलग हों
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा का कहना है कि हिंदू धर्म में गाय और उसका दूध बेहद पूजनीय होता है जिसका कई त्योहारों में और उपवास में इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में जो व्यक्ति कड़कनाथ का मांस बेच रहा है वही व्यक्ति गाय का दूध ना बेचे। इसके साथ ही रामेश्वर शर्मा ने मांग की है कि सरकार ने कड़कनाथ मुर्गे के मांस और दूध के पार्लर को एक साथ खोलकर हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है इसलिए दोनों पार्लरों को अलग-अलग जगह पर खोला जाए और दोनों का व्यवसाय करने वाला शख्स भी अलग हो।

ताकि एक जगह दोनों चीजें मिल सके
भाजपा के आरोपों पर मंत्री लाखन सिंह यादव ने कहा की भाजपा के आरोप इसलिए बेबुनियाद हैं क्योंकि कड़कनाथ चिकन पार्लर और मिल्क पार्लर के बीच में पार्टीशन किया गया है। इसमें एक तरफ कड़कनाथ का मांस मिलता है तो दूसरे हिस्से से गाय का दूध बेचा जा रहा है। मंत्री लाखन सिंह यादव ने कहा कि दोनों पार्लर को साथ में इसलिए बनाया गया है ताकि एक ही जगह पर लोगों को दोनों चीजें मिल सके। पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने कहा कि हमारी सरकार कड़कनाथ चिकन पार्लर के जरिए बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध करा रही है। इसमें पीपीपी मॉडल के तहत आउटलेट खोल सरकार गाय का शुद्ध दूध, कड़कनाथ चिकन और देसी अंडे खुद मुहैया कराएगी।

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