‘शिव राज’ में विकास का रास्ता भूल गई सरकार

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केराडी, खमारडीह और संदूका में शिक्षा, स्वास्थ और सडक जैसी सुविधायें से कब होगी बहाल?

rafi ahmad ansari
बालाघाट। जिले के आदिवासी बाहुल्य लांजी तहसील के अंतर्गत आने वाली देवरबेली ग्राम पंचायत बैगा बाहुल्य गांव है। इस ग्राम पंचायत के अंतर्गत 12 गांव आते है, जिनमें हर्राडीह, केराडी, खमारडीह, टेमनी, संदूका, सायर, नल्लेझरी, बरगुड, सतोना, नरपी, देवरबेली एवं क्षतिझोडी गांव शामिल है। ये सभी गांव छत्तिसगढ सीमा से लगे हुए है और अति नक्सल प्रभावित है। गांव की बुनियादी सुविधाओ के निराकरण के लियें विभिन्न निर्माण एजेंसीयों के द्वारा करोडो रूपयें खर्च किये जा चुके है, वर्तमान में खर्च हो भी रहे है। किंतु अभी भी बिजली, पानी, सडक, स्वास्थ शिक्षा, आवास जैसी समस्यां से लोग जूझ रहे है।

गांवो को विद्युतीकरण योंजना से जोडा जा चुका है, लेकिन बिजली नही मिल रही है। जिसकी शिकायत ग्रामीणो के द्वारा बिजली विभाग को की जाती रही है। किंतु निराकरण नही हो रहा है। इसी पंचायत के अधीन आने वाली खमारडीह और केराडीह दो गांव ऐसे है जहां विद्युतीकरण हुआ ही नही है। यहां के लोग आज भी अंधेरे में जीवन काटने को मजबूर है। जबकि विद्युत विहिन इन दो गांवो को सौरउर्जा से जोडा जाना है, बावजूद इसके सौर उर्जा की भी व्यवस्था नही की गई है। जबकि इसी गांव से लगे छ.ग के समुद्रपानी का संजेरा गांव में सडक, बिजली, स्वास्थ, शिक्षा की व्यवस्था की जा चुकी है। खमारडीह और केराडी गांव का आलम यह है कि यंहा पर प्राथमिक स्कूल की भी व्यवस्था नही है। जिससे यंहा के नौनिहालो का भविष्य अंधकारमय हो गया है। करीब दर्जनो बच्चे ऐसे है जिन्होने स्कूल का मुंह तक नही देखा है।

इसी गांव से लगे टेमनी गांव है जहां पुलिस चौकी है और वहां पर बिजली की व्यवस्था है किंतु इसी गांव से लगे 1 किलोमीटर दूर संदूका गांव है जहां करीब 50 घरो में बैगा जनजाति के लोग निवास कर रहे है।

राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना से विद्युतीकरण किया जा चुका है किंतु बिजली नही जल रही है। जिसकी शिकायत इस गांव के लोगो के द्वारा अनेको बार की जा चुकी है। ग्रामीणो के अनुसार यदि बिजली विभाग के द्वारा विद्युत प्रदाय नही किया गया है तो वे आने वाले दिनो में ट्रांसफार्मर सहित खंबो को उखाड फेंकेगें। इसी गांव से लगे बैगाओ का गांव संदूका है, वंहा की भी यही स्थिति है। नल्लेझरी,नरपी,बरगुड की भी यही स्थिति है। अनेको बार शिकायतें की गई, लेकिन उन लोगो की इस ज्वलंत समस्या का निराकरण नही हो रहा है जिससे ग्रामीण काफी आक्रोशित है।

इनका कहना है

हमारें गांव में स्कूल नही है तथा विद्युतीकरण योंजना से भी नही जोडा गया है। जिसकी वजह से बच्चो का भविष्य बर्बाद हो रहा है और बिजली ना होने से लोग अंधेरे में जीवन यापन करने मजबूर है।
कमलसिंह धुर्वे, ग्रामीण

हमारें गांव विद्युतीकरण योजना से 8 वर्ष पूर्व से जोडा जा चुका है, किंतु ट्रांसफार्मर और विद्युत को शो पीस बने हुए है। अनेको बार शिकायते की जा चुकी है। कितु कोई निराकरण नही हो रहा है। यदि उनकी समस्या का निराकरण नही हुआ तो हम लोग पोल ट्रांसफार्मर को उखाड फेंक देगें।
कंकर बैगा, ग्रामीण

मेरे द्वारा अनेको बार शिकायतें की जा चुकी है, किंतु निराकरण नही हो रहा है। अब हम मजबूर हो चुके है।
शिवकुमार बोरकर, सरपंच
ग्राम पंचायत देवरबेली