CM 5 माह बाद 23 अगस्त को कलेक्टर-SP से करेंगे वीडियो कॉन्फ्रेंस
भोपाल
राज्य शासन ने तय किया है कि अब सोशल मीडिया पर वायरल सूचनाओं का फैक्ट चेक कराने का काम किया जाएगा। इसके लिए कलेक्टर, एसपी खासतौर पर जिलों में वायरल मामलों की निगरानी कराएंगे और अगर कोई सूचना गलत प्रसारित है तो उसका सच सामने लाएंगे और गड़बड़ी करने वालों पर एक्शन भी लेंगे। सरकार सोशल मीडिया प्रबंधन का काम इसके जरिये करेगी। 5 माह बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान फिर 23 अगस्त को वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा कलेक्टर-कमिश्नर, आईजी-एसपी कॉन्फ्रेंस करेंगे जिसमें ताजा मामलों के अलावा एजेंडे पर चर्चा होगी।
राज्य सरकार ने सभी एसीएस,पीएस, सचिव, डीजीपी, संभाग आयुक्त, कलेक्टर्स, आईजी-एसपी को बैठक एजेंडा जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि प्रदेश में माफिया के विरुद्ध कार्यवाही, महिला अपराध एवं आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए कानून व्यवस्था के संबंध में समीक्षा की जाएगी। साथ ही विभिन्न कोविड कल्याण योजनाओं क्रियान्वयन की समीक्षा होगी। बारिश के दौरान अंकुर कार्यक्रम के तहत पौधरोपण और एक जिला एक उत्पाद योजना की भी समीक्षा होगी। जल जीवन मिशन के जमीनी क्रियान्वयन और सहायता समूह को दिलाये गए क्रेडिट लिंकेज की स्थापना के साथ-साथ नगरीय क्षेत्रों के धारणाधिकार आवंटन के संबंध में राजस्व विभाग द्वारा दिए गए निदेर्शों के पालन की जानकारी सीएम लेंगे। सीएम चौहान इसके साथ ही कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर जिलों में पीएसए आक्सीजन प्लांट्स के निर्माण की स्थिति की जानकारी भी कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों से लेंगे।
सरकार के एक्शन से अफसरों में थी अफरा-तफरी
सीएम चौहान ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कलेक्टर, एसपी के कामकाज के मूल्यांकन के साथ सरकार की प्राथमिकता वाले कामों में एक्शन की निगरानी में तेजी लाने का काम दिसम्बर 2020 से तेज किया था। इसके बाद मार्च 21 तक हुई हर मासिक बैठक में सीएम चौहान लापरवाह अफसरों से सीधे एक्शन ले रहे थे। इस कारण आईएएस-आईपीएस अफसरों में हड़बड़ी का माहौल था और हर सूचना पर वे एक्टिव रहने लगे थे। कोरोना की दूसरी लहर के बाद इस कांफ्रेंसिंग को रोक दिया गया था जो अगले माह शुरू होगी।
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