सपनों की उड़ान-असंभव कुछ भी नहीं, सम्मान, स्वावलंबन और समान अवसरों से सशक्त होंगे विशेष योग्यजन: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री ने विशेष योग्यजन युवाओं से किया संवाद, खिलाड़ी एवं समाजसेवी सम्मानित
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हौसले की उड़ान कभी शारीरिक सीमाओं की मोहताज नहीं होती। मन में दृढ़ संकल्प, हृदय में कुछ कर गुजरने का जज्बा और प्रयासों में निरंतरता हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के मूलमंत्र के साथ विशेष योग्यजनों के सशक्तीकरण के लिए काम कर रही है। हमारा संकल्प ऐसा राजस्थान बनाना है जहां हर विशेष योग्यजन को सम्मान, स्वावलंबन और समान अवसर मिलें।
मुख्यमंत्री शनिवार को ‘सपनों की उड़ान-असंभव कुछ भी नहीं’ कार्यक्रम के तहत विशेष योग्यजन युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और यही युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी पूंजी है। हमारे युवाओं के पास ऊर्जा है, नए विचार हैं, कुछ नया करने का जुनून है और असंभव को संभव बनाने का साहस है। उन्होंने आह्वान किया कि वे सभी अपने बुलंद हौसलों के साथ आगे बढ़ें। राज्य सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए सारथी बनकर उनके साथ खड़ी है।
सुगम्य भारत अभियान से दिव्यांगजनों को मिला सम्मान का जीवन
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री दिव्यांगजनों के प्रति संवेदना और सम्मान का भाव रखते हैं। इसी भावना के साथ प्रधानमंत्री ने विशेष योग्यजनों के लिए दिव्यांग शब्द का उपयोग कर समाज में विशेष योग्यजन की गरिमा भी बढ़ाई और उनके योगदान को भी स्वीकृति दी। प्रधानमंत्री की पहल पर शुरू किए गए सुगम्य भारत अभियान से दिव्यांगजनों को सम्मान और समृद्धि का जीवन मिला है। वहीं दिव्यांगता की श्रेणियों की संख्या को 7 से बढ़ाकर 21 किया गया है।
समान अवसर नीति 2025 लागू, 2 लाख 71 हजार यूडीआईडी कार्ड जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार ने भी विशेष योग्यजनों के लिए समान अवसर नीति, 2025 लागू की है। 2 लाख 71 हजार यूडीआईडी कार्ड जारी करने के साथ ही अनुजा निगम द्वारा विशेष योग्यजन सहित विभिन्न श्रेणी के 7 हजार व्यक्तियों को स्वरोजगार हेतु ऋण उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने कहा कि विशेष योग्यजन के लिए संचालित आवासीय संस्थानों में देय मैस भत्ते की राशि को बढ़ाकर 3 हजार 250 रुपये प्रतिमाह किया है। साथ ही, आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए साढ़े 5 लाख लोगों को 1 हजार 350 रुपये मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन उपलब्ध करवायी जा रही है। विशेष योग्यजनों को गत वर्ष 2 हजार 500 स्कूटी तथा गत दो वर्षों में 44 हजार अंग उपकरण वितरित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि युवा शक्ति के प्रति प्रधानमंत्री के विश्वास से प्रेरणा लेकर हमारी डबल इंजन की सरकार ने नई युवा नीति और नई रोजगार नीति लागू की है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए 410 से अधिक परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न करवाई जा चुकी हैं। प्रदेश में 1 लाख 93 हजार पदों पर सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं। वहीं, 1 लाख 18 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं तथा 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाएगी।
3 लाख 70 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। हमारी सरकार अब तक प्रदेश के 3 लाख 70 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर चुकी है। मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत 4 लाख लाभार्थियों को 1 हजार 643 करोड़ रुपये की राशि वितरित की है। प्रदेश में 21 नवीन राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज तथा 76 नवीन राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना की गई है। प्रदेश सरकार अब तक 220 सरकारी कॉलेज भवनों का निर्माण कर चुकी है।
नई किरण नशा मुक्ति केंद्र स्थापित, जिला मुख्यालयों पर खेल अकादमियां संचालित
उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को नशे से बचाने के लिए 305 महाविद्यालयों में नई किरण नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रदेश के युवा को नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाने के लिए स्टार्टअप के अनुकूल वातावरण तैयार किया है। प्रदेश में 5 हजार से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हुए हैं तथा 65 आई-स्टार्ट लॉन्चपैड नेस्ट स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए 17 नए ‘खेलो इंडिया केंद्र’ शुरू किए गए हैं। 41 जिला मुख्यालयों पर ‘एक जिला एक खेल योजना’ के तहत खेल अकादमियों का संचालन हो रहा है। साथ ही, खिलाड़ियों की सुविधा के लिए राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि युवा भारत के नौजवानों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। युवाओं को जब सामर्थ्य, स्वाभिमान, स्वावलंबन, सुविधा और संसाधन की शक्ति मिलती है तो हर लक्ष्य आसान हो जाता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के युवा खिलाड़ियों ने हाल ही में आयोजित हुए पैरा एशियन गेम्स में प्रदेश का नाम रोशन किया है तथा कई विशेष योग्यजन युवाओं ने अपनी मेहनत के दम पर प्रशासनिक सेवाओं में मुकाम हासिल किया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खेल जगत में प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले विशेष योग्यजन खिलाड़ी मोना अग्रवाल, सृष्टि अरोड़ा एवं कृष्णा नागर तथा विशेष योग्यजनों के सशक्तीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पदम भूषण डी.आर. मेहता का सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वन विभाग में नियुक्त पैरा खिलाड़ियों के स्थायीकरण के संबंध में आवश्यक कार्यवाही के लिए आश्वस्त किया।
कार्यक्रम में दृष्टिबाधित प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी मनु गर्ग ने प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी में आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत के महत्व पर अपने विचार साझा किए। पैरालंपिक पदक विजेता निशानेबाज मोना अग्रवाल ने संघर्ष के अनुभव बताए। पूर्व आईएएस अधिकारी एवं भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के संस्थापक डी.आर. मेहता ने विशेष योग्यजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार व संस्थाओं के साझा प्रयासों पर अपने विचार रखे। वहीं, वीसी के माध्यम से उदयपुर की राष्ट्रीय पैरा फेंसिंग खिलाड़ी सुनिता कुमारी एवं जैसलमेर के सामाजिक कार्यकर्ता सज्जन खां ने भी अपने अनुभव बताए।
इस दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव युवा मामले एवं खेल प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता दिनेश कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में विशेष योग्यजन युवा उपस्थित रहे। वहीं, वीसी के माध्यम से विभिन्न जिलों से भी विशेष योग्यजन युवा कार्यक्रम में जुड़े।
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