पंजाब में आईएएस अधिकारियों की कमी, केंद्र से मांगे 11 आईएएस अधिकारी
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने आईएएस नीलकंठ अवध (1999) और विजय एन जादे (2002) को केंद्र में जाने के लिए एनओसी प्रदान कर दी है हालांकि दो अन्य अधिकारी अलखनंदा दयाल (2000) और सोनाली गिरी ने केंद्र में जाने के लिए एनओसी मांगा हुआ था, उन्हें अभी तक नहीं मिला है। केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए हाल ही में कई और अधिकारी भी गए हैं जिनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव तेजवीर सिंह, मुख्य चुनाव अधिकारी रहे सिबिन सी, दिलीप कुमार का नाम भी शामिल है। उधर, पिछले कुछ अर्से में पंजाब में नए जिले बनने और नई अथारिटियां बनने के बाद से आईएएस अफसरों की कमी महसूस हो रही है इसलिए दो से तीन अहम विभाग एक एक अधिकारी को काम चलाना पड़ रहा है।
आईएएस अधिकारियों की संख्या 232 हो
पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से आईएएस अधिकारियों की गिनती 232 करने का आग्रह किया है। इस समय पंजाब में आईएएस अफसरों का काडर 221 अधिकारियों का है जिनमें से 191 में इस समय कार्यरत हैं। इस साल मार्च महीने तक ही पंजाब काडर के सात आईएएस अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि इतने ही इस साल के अंत तक और रिटायर हो जाएंगे।पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से आईएएस अधिकारियों की गिनती 232 करने का आग्रह किया है।
इस समय पंजाब में आईएएस अफसरों का काडर 221 अधिकारियों का है जिनमें से 191 में इस समय कार्यरत हैं। इस साल मार्च महीने तक ही पंजाब काडर के सात आईएएस अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि इतने ही इस साल के अंत तक और रिटायर हो जाएंगे। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से आईएएस अधिकारियों की गिनती 232 करने का आग्रह किया है। इस समय पंजाब में आईएएस अफसरों का काडर 221 अधिकारियों का है जिनमें से 191 में इस समय कार्यरत हैं। इस साल मार्च महीने तक ही पंजाब काडर के सात आईएएस अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि इतने ही इस साल के अंत तक और रिटायर हो जाएंगे।
ये आईएएस हो चुके सेवानिवृत्त
इससे पहले, एके सिन्हा (1996 बैच) और दिलराज सिंह संधावालिया (2005) जनवरी में सेवानिवृत्त हुए थे। अरविंद पाल सिंह संधू (2009), जो विकलांग व्यक्तियों के लिए राज्य आयुक्त थे, 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हुए। अरुण सेखरी (2004) भी उसी दिन सेवानिवृत्त हुए। अनुराग अग्रवाल (1990) 31 मार्च को रिटायर हुए। आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार बनने पर वह पंजाब के मुख्य सचिव पद के प्रमुख दावेदारों में से एक थे। शीर्ष पद से वंचित किए जाने के बाद वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले गए। जे.एम. बालमुरुहन (1994) भी भूपिंदर सिंह (2012) के साथ 31 मार्च को सेवानिवृत्त हुए। राज्य सरकार ने भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को पत्र लिखकर कहा हे कि उसे भी प्रतिनियुक्ति पर चंडीगढ़ में अधिकारियों को भेजना पड़ता है जो कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से अलग हैं। ऐसे में उन्हें और आईएएस अफसरों की जरूरत होगी। 2010 बैच के विमल सेतिया 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त होंगे। गुरप्रीत सपरा (2005) और मोहिंदर पाल (2008) जून में सेवानिवृत्त होंगे। खेल एवं युवा मामलों के विशेष मुख्य सचिव सर्वजीत सिंह (1992) जुलाई में सेवानिवृत्त होंगे, वी.के. मीना (1997) अगस्त में सेवानिवृत्त होंगे। श्रम सचिव मनवेश सिंह सिद्धू (2004) अक्टूबर में सेवानिवृत्त होंगे। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत सीमा जैन (1991) दिसंबर में सेवानिवृत्त होंगी।
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