180 सीटर प्लेन पूरा बुक कर कर्मचारी का शव पहुंचाया घर,परिवार समेत 5 लोग भी साथ आए

0
2

इंदौर
विसुवियस इंडिया लिमिटेड नाम की एक कंपनी ने दुनिया के सामने एक ऐसा उदाहरण पेश किया है, जो शायद पहली बार देखने को मिला है। कोलकाता में स्थित इस कंपनी ने अपने एक मैनेजिंग डायरेक्टर की मौत के बाद बॉडी इंदौर में घर तक पहुंचाने के लिए 180 सीटर प्लेन बुक कर दिया। परिजन बताते हैं कि जब प्लेन कोलकाता में नहीं मिला तो दिल्ली से व्यवस्था की गई। इसके लिए कंपनी ने परिवार से किसी भी तरह से मदद नहीं ली। परिवार का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि कंपनी ऐसा कोई कदम उठाएगी। कंपनी ने करीब 50 से 60 लाख रुपए खर्च कर परिवार को बॉडी के साथ इंदौर भेजा। कंपनी के दो पदाधिकारी भी तीन दिन तक इंदौर में रहे और सभी कार्यक्रम संपन्न करवाने के बाद वापस लौटे।

रितेश के सुसर राजेंद्र चौरड़िया ने बताया कि 19 अगस्त को सुबह बाथरूम जाते समय एक अटैक सा आया और वे बाथरूम में ही गिर पड़े। इससे उनका निधन हो गया। पूरा परिवार तो इंदौर में था, बस कोलकाता में रितेश और उनकी पत्नी दो बच्चों के साथ थीं। कोलकाता में लॉकडाउन होने से उन्हें इंदौर तक लाना बड़ी समस्या थी। हम उन्हें लाने के लिए बात कर ही रहे थे कि कंपनी वालों ने आश्चर्यजनक काम करते हुए पूरा 180 सीटर प्लेन बुक कर दिया। इसी दिन दोपहर 3 बजे प्लेन में दो कर्मचारी समेत रितेश और उनके परिवार को इंदौर भेज दिया।

करीब दो साल पहले कंपनी से जुड़े थे डूंगरवाल
इंदौर शहर के उषा नगर एक्सटेंशन में रहने वाले रितेश डूंगरवाल करीब दो साल पहले Vesuvius कंपनी से जुड़े थे वो कंपनी के कोलकाता दफ्तर में मैनेजिंग डायरेक्टर थे। 19 अगस्त को रितेश को कोलकाता स्थित घर पर ही दिल का दौरा पड़ा था और वो बाथरुम में गिर गए थे जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी। जिस वक्त ये घटनाक्रम हुआ रितेश के साथ कोलकाता में उनके दो बच्चे और पत्नी थीं जो उनकी मौत के बाद गम में डूबे हुए थे। रितेश के परिजन ने बताया कि वो रितेश का अंतिम संस्कार इंदौर में करना चाहते थे लेकिन लॉकडाउन के कारण शव को कैसे लाएं इसके बारे में विचार कर रहे थे लेकिन कंपनी ने उनकी चिंता खत्म कर ऐसा काम किया जो उन्होंने सोचा भी नहीं था। परिजन ने बताया कि रितेश की मौत की खबर मिलने के बाद तुरंत कंपनी ने अपने 30 कर्मचारियों को परिवार के सहयोग के लिए घर भेज दिया था और फिर खुद ही पूरा प्लेन बुक कर उनके घर इंदौर तक पहुंचाया। कंपनी ने जो काम किया है उसके लिए रितेश के परिजन ने दिल से उन्हें धन्यवाद दिया और ये भी कहा है कि कोरोना काल में कंपनियां जहां कर्मचारियों को नौकरियों से निकाल रही हैं वहीं रितेश की मौत के बाद भी कंपनी ने लाखों रुपए खर्च कर उनके शव को घर तक पहुंचाया है जो सभी कंपनियों के लिए एक मिसाल है।